मानसी : प्रखंड क्षेत्र में आयरनयुक्त पानी के सेवन से हो रही परेशानियों के वजह से सीलबंद पानी का कारोबार काफी फल फुल रहा हैं. प्रखंड क्षेत्र में भी पिछले कुछ सालों से सीलबंद पानी की शुरुआत आज घर-घर तक होने लगा है. इसके अलावा शादी विवाह सहित अन्य कार्यक्रमों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में सीलबंद पानी का उपयोग किया जाने लगा है.
इससे सीलबंद पानी का कारोबार लाखों में पहुंच गया है. छोटे से इस प्रखंड में कई लोग इस कारोबार से जुड़कर अपनी जीविका चला रहे हैं. जानकारों की मानें, तो वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगाने में लगभग पांच लाख की लागत आती है, जबकि मुनाफा कई गुना अधिक होता है. प्रखंड के चापाकलों के पानी में आयरन की मात्रा अधिक रहने से लोगों का सीलबंद पानी का उपयोग ज्यादा करने लगे हैं.
डाक्टरों की मानें, तो आयरनयुक्त पानी के सेवन से पेट की बीमारी की समस्या ज्यादा होती है.कहते हैं होमियो चिकित्सक डॉ अमित कुमार सिंह कहते हैं की अशुद्ध जल के सेवन से कब्ज, गैस, पाचनशक्ति कमजोर होना, भूख की कमी जैसी कई बीमारियां होती हैं. आज के दौर में 60% लोगों को इस तरह की परेशानी देखी जा रही है.कहते हैं दंत चिकित्सकडॉ एके कश्यप ने बताया कि आयरनयुक्त जल के सेवन से दांतों में पीलापन एवं अन्य रोग होते हैं, जिससे दांत कमजोर हो जाता है.
