मेले में मिट गये फासले

मेले में मिट गये फासले मानसी: मेले में हर चेहरो पर उल्लास। बच्चे, बुढे, जवान या लडकियां इन सभी के आखों मे एक रात में सारा कुछ देख लेने की ललक दिखायी पड़ रहा था. रोशनी से नहाया प्रखंड के विभिन्न मंदिरों में भक्ति भरे गीत बजाये जा रहे थें. मंदिर परिसर में आकर्षक पंडाल […]

मेले में मिट गये फासले मानसी: मेले में हर चेहरो पर उल्लास। बच्चे, बुढे, जवान या लडकियां इन सभी के आखों मे एक रात में सारा कुछ देख लेने की ललक दिखायी पड़ रहा था. रोशनी से नहाया प्रखंड के विभिन्न मंदिरों में भक्ति भरे गीत बजाये जा रहे थें. मंदिर परिसर में आकर्षक पंडाल भी बनाया गया था. शक्तिदायनी मां दुर्गा की नौ दिनों की भक्ति के वाद मां के दशर्न के लिए लोगों की भीड़ मंदिरों मे उमड़ पड़ी. मेले में लगभग सभी नये-नये कपड़े पहनकर मेले का आनंद ले रहे थे. मेले मे गोलगप्पे के ठेले पर पूरूष से ज्यादा महिलाओं की भीड़ दिखीं. जबकी खिलौने एवं गुब्बारे की दुकानों के पास बच्चों की भीड़ दिखाई दिया. मेले में मानो अमीर ,गरीब,उच्च, नीच के सारा भेदभाव मिट गया था. गांव के मेले मे लोग बच्चों को कंधे पर बिठाकर मेला धूमा रहे थे. महिलाएं मोल-भाव के बाद ही आगे बढती थी. देर रात तक मेले में भीड़ लगी रही. लोग मेले का आनंद लेते रहे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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