फरकिया के विकास के सच से रूबरू हुए डीएम आजादी के वर्षों बाद भी विकास से कोसों दूर हैं फरकिया के लाखों लोग इलाके में बिजली ना सड़क, शुद्ध पेयजल बिना तड़प रहे लोग हर वर्ष बाढ़ की विपदा झेलने को विवश हैं
चार पंचायत की पूरी आबादी इलाके में विकास की किरण पहुंचाने में नेताजी नहीं ले रहे दिलचस्पी हाईस्कूल बिना आगे की पढ़ाई से वंचित हैं इलाके के छात्र-छात्राएं खगडि़या के चौथम प्रखंड का पिछड़े इस इलाके के लोग पूछ रहे कब होगा विकास सोमवार को एसपी संग मां कात्यायनी स्थान मंदिर पहुंचे डीएम ने की पूजा अर्चना अगर चुनाव परिणाम बाद विकास का काम शुरू नहीं होता है तो मंदिर न्यास समिति व स्थानीय लोगों के सहयोग मां कात्यायनी के मंदिर तक मार्ग बनाने के अलावा विकास के काम शुरू किये जायेंगे. अब और इंतजार नहीं किया जा सकता. –
युवराज शंभु, उपाध्यक्ष, मां कात्यायनी मंदिर न्यास समिति चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मां कात्यायनी मंदिर सहित आसपास के इलाके में विकास की रुपरेखा बना कर काम शुरू किया जायेगा. अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी. – साकेत कुमार, डीएम प्रतिनिधि, खगडि़या मां कात्यायनी की प्रसिद्ध मंदिर के इलाके के लोग आजादी के वर्षों बाद भी विकास से कोसों दूर हैं. एक अदद सड़क के लिये आज भी यहां के लोग नेताओं व सरकार की बाट जोह रहे हैं.
इलाके में बिजली न सड़क है. शुद्ध पेयजल के लिये आज भी लोग तरस रहे हैं. हाई स्कूल के बिना इलाके छात्र-छात्राएं आगे की पढ़ाई से वंचित हैं. वर्षों बरस से आश्वासन की घुट्टी पी-पीकर तंग आ चुके इलाके की करीब एक लाख की आबादी पूछ रहे हैं कि कब होगा फरकिया के इस इलाके का विकास. जिसका जवाब शायद हमारे नेताओं व सरकार के नुमाइंदे के पास नहीं हैं. स्थिति यह है कि हर वर्ष बाढ़ जैसी विपदा झेलने को विवश चार पंचायत की पूरी आबादी आज भी विकास का बाट जोह रहे हैं.
सोमवार को मां कात्यायनी मंदिर पहुंचे डीएम साकेत कुमार व एसपी अनिल कुमार सिंह इस इलाके के विकास से रूबरू हुए. रेलवे के जर्जर पुल होकर नदी पार करते वक्त शायद डीएम साकेत कुमार को भी इस इलाके के विकास के सच का एहसास हो गया होगा. आवागमन के लिये एक अदद सड़क तक नहीं आज भी इस इलाके में आने जाने के लिये नाव या फिर पैदल पांव का सहारा है. मां कात्यायनी मंदिर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष चंदेश्वरी राम बताते हैं
कि धमारा घाट के पूर्वी भाग में स्थित रोहियार पंचायत के बंगलिया, बनबुड़ा, ठुठी पंचायत के अग्रहण, खरैता, भैगली, रुपनी, महनपुर, सरसवा पंचायत के शोहरवा, श्रीनगर, गुलरिया, धमारा, खड़रा, बुच्चा पंचायत के धनछड़, फनगो, सिंगरसमा, गयघाट, नोनहा, बकौल तथा पश्चिम भाग मंे स्थित सांभर खुर्द पंचायत के सांभर, कठमाड़ा, कचौत, कबरपुर, घोरनाहा आदि गांवों के लोग आज भी विकास को तरस रहे हैं. हर बार चुनाव में नेताजी आश्वासन देने के बाद सो जाते हैं. नतीजतन इलाका विकास से महरुम है. सरकार की नजर भी शायद इन इलाकों पर पड़ती है या नहीं ये तो वही जाने लेकिन आजादी के वर्षों बाद भी यह इलाका विकास के सच की पोल खोल रहा है. 12 करोड़ की योजना फाइलों में गुम प्रसिद्ध माता कात्यायनी मंदिर के विकास सहित आवागमन की सुविधा बहाली के लिये 12 करोड़ की बनी योजना फाइलों में गुम हो गयी है.
मां कात्यायनी मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष युवराज शंभु बताते हैं कि कुछ महीने पूर्व विकास के लिये 12 करोड़ की योजना बना कर पर्यटन विभाग को भेजा गया था. जिसमें छह करोड़ की लागत से सिरनिया बांध से मंदिर तक करीब पांच किलोमीटर तक सड़क सह पूल का निर्माण कर सुलभ यातायात बहाल करना था. साथ ही मंदिर परिसर में एक सरकारी गेस्ट हाउस, दो धर्मशाला, स्वास्थ्य उपकेंद्र, मंदिर न्यास समिति का प्रशासनिक भवन, समारोह आयोजन स्थल, ओपी, बिजली, मंदिर का सौंदर्यीकरण काम भी छह करोड़ की लागत से किया जाना था. इसके लिये विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों से लैस टीम भी बनायी गयी. मुआयना भी हुआ, डीपीआर भी बना कर भेजा गया लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो पाया है. पता नहीं योजना की रुपरेखा फाइलों में कहां गुम हो गयी.
