गबन मामले में हो रही लीपापोती

प्रतिनिधि : परबत्ता प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत अंतर्गत मध्य विद्यालय गोविंदपुर की पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनिता कुमारी तथा सहायक शिक्षक मंटुन ठाकुर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा दस लाख रुपये सरकारी राशि के गबन के आरोप में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी मामले में दोनों आरोपी न केवल मजे से ड्यूटी कर रहे हैं. बल्कि जिस […]

प्रतिनिधि : परबत्ता प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत अंतर्गत मध्य विद्यालय गोविंदपुर की पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापिका

अनिता कुमारी तथा सहायक शिक्षक मंटुन ठाकुर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा दस लाख रुपये सरकारी राशि के गबन के आरोप में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी मामले में दोनों आरोपी न केवल मजे से ड्यूटी कर रहे हैं.

बल्कि जिस राशि के गबन का आरोप लगा है उस राशि को सरकारी खाते में जमा करने की बजाय भवन निर्माण करा रहे हैं. स्थिति यह है कि नौकरी कहीं और तथा भवन निर्माण कहीं और हो रहा है. इस मामले में अब तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

परबत्ता थाने में 23 जून को दर्ज कराये गये कांड संख्या 195/15 में उक्त विद्यालय की प्रधान अनिता कुमारी को आरोपी तथा सहायक शिक्षक मंटुन ठाकुर को सह आरोपी बनाया गया था.

यह प्राथमिकी विद्यालय शिक्षा समिति के खाता से भवन निर्माण तथा अन्य मद की राशि निकालने के वर्षों बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण सरकारी राशि के गबन / विचलन करने के आरोप में दर्ज करायी गयी थी.

तत्कालीन प्रभारी प्रधान अनिता कुमारी एवं सहायक शिक्षक मंटुन ठाकुर के संयुक्त हस्ताक्षर से यह राशि निकाली गयी थी. हालांकि डीएम ने प्रखंड के चार विद्यालयों के प्रभारी प्रधानों पर एफआइआर का आदेश दिया था.

इनमें मध्य विद्यालय गोविंदपुर के अलावा मध्य विद्यालय देवरी के कृष्ण मुरारी, मनोरमा प्राथमिक विद्यालय कोरचक्का के प्रभाकर कुमार तथा प्राथमिक विद्यालय शहरबन्ना के प्रभारी प्रभात रंजन पर एफआइआर का आदेश दिया गया था. डीएम के द्वारा 22 जुलाई 2014 को सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में यह आदेश दिया गया था.

फिर 11 अप्रैल की समीक्षा बैठक में आदेश दिया गया. मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने पत्रांक 323 दिनांक 17 अप्रैल द्वारा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी परबत्ता को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था.

इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनिल सिंह ने पुन: 24 मई को पत्र भेज कर चारों शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. इन चारों में से तीन शिक्षकों ने कमोबेश निर्माण का कार्य पूर्ण कर दिया है तथा इस स्थिति में विभाग द्वारा मानवता के आधार पर इन तीन प्रधानों को अभी राहत दी है.

हालांकि जानकारों का कहना था की उक्त शिक्षिका द्वारा और भी बड़ी राशि का गबन किया गया है. ग्रामीणों ने बताया की उक्त शिक्षिका जितने दिनों तक प्रभार में रही उस दौरान पोशाक, छात्रवृति, परिभ्रमण आदि मदों की राशि का भी गबन किया गया.

यदि ठीक तरीके से जांच हो तो गबन की राशि कम से कम दुगुना होने का पता चलेगा. बहरहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया. इस प्राथिमिकी के बाद आरोपी शिक्षिका ने भवन निर्माण शुरू करा दिया है. अनुसंधान कर रहे पुलिस पदाधिकारी अभिनंदन कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है. भुगतान से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है.

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