फोटो है 10 व 11 में कैप्सन : भगवत कथा सुनाते स्वामी आगमानंद, कर्म का मर्म समझाती दर्शन लीला व उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़.प्रतिनिधि, बेलदौरइस आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकते, इसको आग नहीं जला सकती, इसको जल नहीं गला सकती और वायु नहीं सुखा सकता. आत्मा अमर है. उक्त भगवत गीता की बातें स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कही. रविवार को कोसी उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित सात दिवसीय शतचंडी सह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चोथे दिन प्राकृतिक महाप्रलय की दस्तक से सहमे श्रद्धालुओं को स्वामी आगमानंद जी महाराज ने आत्मा के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर भयमुक्त रहने की रहस्य को बताया. उन्होंने संध्याकालीन कथा के दौरान बताया कि मनुष्य केवल अपने कर्मों के प्रति उत्तरदायित्व है. इसके पूर्व आचार्य चंद्रकांत जी महाराज ने भागवत कथा के महत्व, गो सेवा का मर्म, पनशलवा गांव के इतिहास की जानकारी दी. महायज्ञ को सफल बनाने में यज्ञ के मुख्य यजमान नुतन कुमार सिंह पटेल, कुमारी अलका समेत कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह, उदय कुमार सिंह, उमेश कुमार सिंह, जिला जदयू उपाध्यक्ष राजेश सिंह, बेचनारायण ठाकुर आदि लगे थे.
अमर है आत्मा : स्वामी आगमानंद
फोटो है 10 व 11 में कैप्सन : भगवत कथा सुनाते स्वामी आगमानंद, कर्म का मर्म समझाती दर्शन लीला व उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़.प्रतिनिधि, बेलदौरइस आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकते, इसको आग नहीं जला सकती, इसको जल नहीं गला सकती और वायु नहीं सुखा सकता. आत्मा अमर है. उक्त भगवत गीता की बातें स्वामी […]
