प्रकृतिक आपदा: डोलती रही धरती, भागते रहे लोग

खगड़िया: शहर में दिन के लगभग 11. 43 बजे अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गयी जब तीव्र भूकंप के झटके महसूस किये गये. लगभग 20 सेकेंड तक पहली बार तथा सात सेंकेंड तक दूसरी बार झटके महसूस किये गये. भूकंप के दूसरे झटके (शॉक आफ्टर) ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. पूरे शहर के […]

खगड़िया: शहर में दिन के लगभग 11. 43 बजे अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गयी जब तीव्र भूकंप के झटके महसूस किये गये. लगभग 20 सेकेंड तक पहली बार तथा सात सेंकेंड तक दूसरी बार झटके महसूस किये गये. भूकंप के दूसरे झटके (शॉक आफ्टर) ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. पूरे शहर के लोग दो बार घर से बाहर निकल आये. सड़क खचाखच भर गया था. लोग तमाम तरह की चर्चाएं कर रहे थे. भूकंप के खबर फैलते ही सिविल कोर्ट, समाहरणालय, ग्रामीण विकास अभिकरण जैसे तमाम कार्यालय से लोग निकल आये. वहीं शहर के विभिन्न मुहल्ले के लोग भी सड़क पर नजर आये.
जेल के मैदान में लाये गये बंदी
स्थानीय मंडल कारा के बंदियों को भी भूकंप के दौरान सुरक्षित किया गया. जेलर जितेंद्र कुमार ने बताया कि मंडल कारा के सभी बंदियों को वार्ड से बाहर निकाल कर जेल के अंदर मैदान में ही लाया गया. भूकंप के दौरान कहीं से किसी प्रकार के अप्रिय घटना की समाचार नहीं है.
बाधित हो गयी दूरसंचार सेवा
भूकंप के बाद शहर में दूर संचार सेवा कुछ देर के लिए बाधित हो गयी. लोग अपनों का कुशल क्षेम जानने के लिए बेताब हो गये, लेकिन फोन या मोबाइल काम ही नहीं कर रहा था. इससे लोग और परेशान नजर आ रहे थे. देर शाम तक मोबाइल सेवा लगभग ठीक हो पायी थी.
गिरे कई फूस के घर
भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई जगहों पर फूस के घर गिर गये. भले ही ये मकान अतिक्रमण कर बनाये गये थे. सदर अस्पताल के पीछे बनाये गये फूस के कुछ मकान गिर गये. इसके अलावा कई बिल्डिंग में दरार देखी गयी है. बताया जाता है कि भूकंप के दौरान समाहरणालय का छज्जा टूट कर गिर गया. इससे लोगों में और भय का माहौल बन गया. इसके अलावा सौ शय्या भवनवाले अस्पताल में भी दरार देखी गयी है. वहीं सन्हौली निवासी रामचंद्र पासवान, रीहमपुर के निकट शिव सैनिक वेयर हाउस कई जगह दरक गया. मलबे गिरने के कारण बीरबल यादव घायल हो गये.
अस्पताल से मरीजों को निकाला गया
भूकंप के झटके जैसे ही महसूस किये गये सदर अस्पताल परिसर से मरीजों को तुरंत बाहर किया जाने लगा. यहां डय़ूटी पर तैनात डॉक्टर सभी मरीजों को तुरंत बिल्डिंग से बाहर जाने के लिए कहने लगे. दो मिनट के लिए अस्पताल में ऐसा लगा कि कोई बड़ी घटना हो गयी है, लेकिन कुछ ही क्षणों के बाद फिर सब कुछ शांत हो गया. दूसरी बार भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला.
स्कूल से बच्चों को निकाला
शनिवार होने के कारण बहुत से स्कूल से बच्चों को छुट्टी दे दी गयी थी. कुछ जगहों पर स्कूल मॉर्निग होने के कारण भी स्कूल खाली थे, लेकिन जहां सीनियर बच्चों की पढ़ाई चल रही थी. वहां से उन बच्चों को तुरंत बाहर निकाला गया. बच्चों को एकाएक भागता हुआ देख आस-पड़ोस के लोग भी कुछ ज्यादा ही घबरा गये. इस अफरा-तफरी में कुछ बच्चों को हल्की चोटें भी आयी, लेकिन अंतत: सभी बच्चों ने स्कूल को खाली कर दिया. सभी स्कूल के प्राचार्य व शिक्षक बच्चों को लेकर खुले मैदान में पहुंच गये.
कहते हैं डीएम
प्रभारी डीएम एमएच रहमान ने बताया कि जिले में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. कुछ जगहों पर क्षति हुई है. इसके आकलन का निर्देश दिया गया है. उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की है.

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