फोटो है 16 मेंकैप्सन- जर्जर डाक घर. मानसी़ स्थानीय डाकघर की हालत जर्जर हो गयी है़ इस डाक घर की खिड़की किवाड़ से लेकर छत तक काफी कमजोर हो चुका है़ भवन की हालत इतनी खराब है कि कब गिर जाये कोई नहीं कह सकता़ पिछले कई वषार्ें से डाकघर में मरम्मति का कार्य नहीं हुआ है़ डाकघर के छत का पपड़ी भी झड़ने लगा है़ छत के गिरने का डर कर्मियों में बना रहता है़ दरअसल इसके रख रखाव में रेलवे विभाग अड़ंगा डाल रहा है़ यह डाक घर रेलवे परिसर में रहने के कारण इसकी मेंटेनेंस रेल विभाग लारा किया जाता है़ इसके मरम्मती के लिए कई बार रेलवे के स्थानीय एवं उच्च अधिकारी को भी लिखा गया़ लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो पायी है़ उप डाकपाल वेदानंद पोद्यार ने बताया कि बरसात में छत से भी पानी टपकता है़, जिससे कार्यालय में रखे कई महत्वपूर्ण कागजात बरबाद हो जाते हैं़ भवन का खिड़की व किवाड़ भी जर्जर है़ इस कारण हमेशा डर बना रहता है़ डाक घर में कंप्यूटर भी लगा हुआ है़ भवन के मरम्मत के अभाव में इसे भी जैसे तैसे लगा कर काम किया जा रहा है़ इसे ठीक करने के लिए विभाग को कई बार लिखा गया़,लेकिन अभी कोई सकारात्मक कार्य नहीं हो सका है़
मानसी डाकघर का भवन जर्जर
फोटो है 16 मेंकैप्सन- जर्जर डाक घर. मानसी़ स्थानीय डाकघर की हालत जर्जर हो गयी है़ इस डाक घर की खिड़की किवाड़ से लेकर छत तक काफी कमजोर हो चुका है़ भवन की हालत इतनी खराब है कि कब गिर जाये कोई नहीं कह सकता़ पिछले कई वषार्ें से डाकघर में मरम्मति का कार्य नहीं […]
