फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में घिरे पूर्व पीओ

-नौकरी पड़ी खतरे में, विभाग ने मांगा जवाब प्रतिनिधि, खगडि़या फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में खगडि़या प्रखंड में पदस्थापित रहे पूर्व मनरेगा पीओ राजकुमार चौधरी घिर गये हैं़ विभाग ने एक पक्ष के भीतर इनसे जबाव मांगा है़ जानकारी के अनुसार जिस एमबीए की डिग्री के आधार पर पूर्व पीओ नौकरी कर रहे हैं़ […]

-नौकरी पड़ी खतरे में, विभाग ने मांगा जवाब प्रतिनिधि, खगडि़या फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में खगडि़या प्रखंड में पदस्थापित रहे पूर्व मनरेगा पीओ राजकुमार चौधरी घिर गये हैं़ विभाग ने एक पक्ष के भीतर इनसे जबाव मांगा है़ जानकारी के अनुसार जिस एमबीए की डिग्री के आधार पर पूर्व पीओ नौकरी कर रहे हैं़ उस संस्थान की मान्यता नहीं है़ जांच में यह बातें सामने आने के बाद ग्रामीण विकास विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी शंभु कुमार ने पूर्व पीओ श्री चौधरी को अपना पक्ष रखने को कहा है़ उन्होंने पीओ से कहा है कि जिस एमबीए की डिग्री के आधार पर वे नौकरी कर रहे हैं़ उस संस्थान की मान्यता नहीं दी गयी है़ इस आधार पर अनुबंध को रद करते हुए क्यों नहीं इन्हें सेवा से बरखास्त कर दिया जाये़ सूत्र के अनुसार पीओ श्री चौधरी भारतीय शिक्षा परिषद लखनऊ संस्थान से निर्गत एमबीए की डिग्री पर वर्ष 2007 से ही इस पद पर कार्य कर रहे हैं़ पहले वे अलौली प्रखंड में फिर सदर प्रखंड में पदस्थापित थे़ वर्तमान समय में ये भागलपुर जिले में पदस्थापित है़ विभागीय पदाधिकारी के मुताबिक उक्त संस्थान के डिग्री की मान्यता राज्य सरकार के द्वारा नहीं है़ आरटीआइ के तहत प्राप्त सूचना के आधार पर आवेदक शैलेंद्र सिंह तरकर ने ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव से इसकी शिकायत की थी़ इसके बाद विभाग ने पीओ श्री चौधरी से सभी कागजात सहित अपना जबाव देने को कहा था.

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