रसोइया बहाली का मामला पहुंचा डीएम के पास

चौथम. प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा बालिका विद्यालय में विगत सात वर्षों से कार्यरत अनुभवी रसोइया की सेवा समाप्त कर दी गयी है. जबकि उनके स्थान पर दूसरे नये रसोइया को बहाल कर लिया गया है. इसकी शिकायत डीएम के जनता दरबार में पहुंच गयी है. इसमें मोटी रकम लेकर बहाली करने का आरोप लगाया गया […]

चौथम. प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा बालिका विद्यालय में विगत सात वर्षों से कार्यरत अनुभवी रसोइया की सेवा समाप्त कर दी गयी है. जबकि उनके स्थान पर दूसरे नये रसोइया को बहाल कर लिया गया है. इसकी शिकायत डीएम के जनता दरबार में पहुंच गयी है. इसमें मोटी रकम लेकर बहाली करने का आरोप लगाया गया है. बहाली का खेल कस्तूरबा बालिका विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतेंद्र सिंह के इशारे पर जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित विभागीय जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान खगडि़या) द्वारा खेला गया. रसोइया एवं चौकीदार / रात्रि प्रहरी के पद पर अवैध बहाली के विरोध में विगत सात वर्षों से कार्यरत दलित महिला सविता देवी एवं सामान्य जाति के पीडि़ता महिला गीता देवी ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. जिलाधिकारी ने पीडि़ता को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया है. क्या है मामलाजिला शिक्षा पदाधिकारी के प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान शाखा द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चौथम में मुख्य रसोइया पिछड़ा वर्ग कोटी के एक पद एवं सहायक रसोइया के अनारक्षित तीन पदों के लिये विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्ति का अंतिम तिथि 27 सितंबर 2014 तक निर्धारित था. प्रकाशित विज्ञापन के तहत विगत सात वषार्ें से रसोइया पद पर कार्यरत उपयुक्त दलित एवं सामान्य जाति की महिला ने भी आवेदन किया था. रसोइया पद के लिये न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पंचम एवं अधिकतम मैट्रिक उत्तीर्ण था. लेकिन इन सभी मानदंडों के विरुद्ध जाकर बहाली किये जाने के आरोप का मामला अब जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंच चुका है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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