बच्चों में दिख रहा है क्रिकेट का उत्साह

फोटो है 10 मेंकैप्सन- खेलते खिलाड़ी खगडि़या. जिले में इन दिनों क्रिकेट की दिवानगी चरम पर है. युवा खिलाड़ी विभिन्न मैदानों में क्रिकेट खेलते नजर आ रहे है. स्थानीय पूर्व जिला क्रिकेट खिलाड़ी जावेद अली, रविश चंद्र उर्फ बंटा, रवि परबतियार, पवन, अशोक कुमार, राजकुमार आदि ने बताया कि वर्ल्ड कप के खत्म होने के […]

फोटो है 10 मेंकैप्सन- खेलते खिलाड़ी खगडि़या. जिले में इन दिनों क्रिकेट की दिवानगी चरम पर है. युवा खिलाड़ी विभिन्न मैदानों में क्रिकेट खेलते नजर आ रहे है. स्थानीय पूर्व जिला क्रिकेट खिलाड़ी जावेद अली, रविश चंद्र उर्फ बंटा, रवि परबतियार, पवन, अशोक कुमार, राजकुमार आदि ने बताया कि वर्ल्ड कप के खत्म होने के बाद इंडियन प्रीमियम लीग मैच का आनंद खेलप्रेमी उठा रहे हैं. लोग मैच शुरू होते ही टीवी से चिपक जाते है. जबकि युवा वर्ग के खिलाडि़यों में ऐसे क्रिकेट मैच का असर दिखाई पड़ रहा है. रविवार को शहर के जेएनकेटी स्टेडियम के मैदान में क्रिकेट खेलने वाले बच्चों की भीड़ को देख कर ही क्रिकेट के लोकप्रियता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. क्रिकेट खासकर 10 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों के सिर चढ़ कर बोल रहा है. दूसरी ओर खगडि़या जिला क्रिकेट संघ के सचिव सदानंद प्रसाद ने बताया कि बिहार क्रिकेट संघ को वर्ष 2001 के बाद ही मान्यता खत्म हो गयी थी. जो अब तक बिहार क्रिकेट संघ को पूर्णरुप से मान्यता प्राप्त नहीं हो सकी है.उन्होंने बताया कि 14 वर्ष बीत जाने के बाद बिहार राज्य के अधिकतर खिलाडि़यों का भविष्य अंधकार के साये में गुम हो गया. जबकि बिहार राज्य के दर्जनों खिलाड़ी दूसरे राज्य जैसे झारखंड, बंगाल, यूपी, दिल्ली, सिक्किम आदि जगहों से अपने भविष्य को संवारने के लिए प्रयासरत हैं. उन्होंने बताया कि अगर राज्य को मान्यता प्राप्त होती तो शायद खिलाडि़यों को दूसरे राज्य जाकर क्रिकेट नहीं खेलना पड़ता.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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