खगडि़या. खगडि़या शहर को बाढ़ से बचाने के लिए बीते हुए कुछ वर्षों से शहर सुरक्षा तटबंध का निर्माण कराया जा रहा है. किंतु अब तक इस तटबंध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. जिसमें यह कहा जा सकता है कि शहर बाढ़ से सुरक्षित नहीं हो पाया है. अगर बाढ़ आती है तो वर्ष 2004 एवं 2007 की ही भांति इस वर्ष समाहरणालय रोड में वाहन नहीं बल्कि मोटर वोट या नाव चलेगी. शहर सुरक्षा तटबंध का निर्माण वर्ष 2007 में आयी बाढ़ के पश्चात मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद आरंभ कराया गया था. करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से संतोष पुल से लेकर बगरस (बेगूसराय) तक चनहा नदी के दक्षिणी तटबंध को ऊंचा करने की योजना थी.ताकि बाढ़ के पानी को शहर में प्रवेश करने से रोका जा सके. उल्लेखनीय है कि तटबंध को ऊंचा करने का कार्य वर्ष 2008 के अंत में आरंभ ही हुआ था. तथा इसे वर्ष 2012 के पूर्व ही पूरा करने की समय सीमाएं निर्धारित थी.किंतु करोड़ों खर्च के बाद भी तटबंध का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है. जिससे शहर पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है. विभागीय जानकारी के मुताबिक भूमि अधिग्रहण में हुई विलंब के कारण सदर प्रखंड के बभनगामा मौजा में कुछ दुर तक तटबंध का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है. बताते चले कि तटबंध का निर्माण पूरा होने से शहर ही नहीं बल्कि अलौली एवं सदर प्रखंड के डेढ़ दर्जन से अधिक पंचायत बाढ़ से सुरक्षित हो पायेंगे.
बाढ़ से नहीं हुआ खगडि़या शहर सुरक्षित
खगडि़या. खगडि़या शहर को बाढ़ से बचाने के लिए बीते हुए कुछ वर्षों से शहर सुरक्षा तटबंध का निर्माण कराया जा रहा है. किंतु अब तक इस तटबंध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. जिसमें यह कहा जा सकता है कि शहर बाढ़ से सुरक्षित नहीं हो पाया है. अगर बाढ़ आती है […]
