सूचना नहीं देने वाले कई पदाधिकारी हो चुके हैं दंडित

खगडि़या. आरटीआइ के तहत मांगी गयी सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले जिले के कई लोक सूचना पदाधिकारी सह विभागीय पदाधिकारियों पर अर्थ दंड लगा है. राज्य सूचना आयोग ने पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कई लोक सेवकों पर जुर्माना लगाया है. जिनसे राशि वसूली की गयी है. जानकारी के मुताबिक कुछ पदाधिकारियों […]

खगडि़या. आरटीआइ के तहत मांगी गयी सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले जिले के कई लोक सूचना पदाधिकारी सह विभागीय पदाधिकारियों पर अर्थ दंड लगा है. राज्य सूचना आयोग ने पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कई लोक सेवकों पर जुर्माना लगाया है. जिनसे राशि वसूली की गयी है. जानकारी के मुताबिक कुछ पदाधिकारियों के द्वारा सूचना उपलब्ध कराने के बाद आयोग से माफी भी दी गयी है. जिला कोषागार पदाधिकारी के द्वारा आरटीआइके तहत मांगी गयी सूचना से बीते दिन इस बात का खुलासा हुआ है कि सूचना देने में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध अर्थदंड लगाया गया है. कइयों से राशि भी वसूली कर ली गयी है. किन किन पर लगा जुर्माना11 दिसंबर 2009 को राज्य सूचना आयोग ने अलौली सीडीपीओ पर 25 हजार रुपया अर्थदंड लगाया था. जबकि वर्ष 2009 में ही जिला नजारत पदाधिकारी के द्वारा जिला कोषागार में अर्थदंड की राशि जमा की गयी है. यह स्पष्ट नहीं है कि यह दंड जिला नजारत पदाधिकारी पर लगा था या फिर किसी अन्य पदाधिकारी पर लगे जुर्माने की राशि इन्होंने कोषागार में जमा करायी थी. इसी तरह 8 दिसंबर 2009 को ही एनडीसी से 25 हजार रुपये वसूली की गयी थी. इन पर भी अर्थ दंड लगा था. डीएम के तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी पर 19 फरवरी 2011 को, तत्कालीन डीएसई प्रतिभा रंजन सिन्हा पर 24 मार्च 2009 को, गोगरी एसडीओ पर 23 नवंबर 2011 को 25-25 हजार रुपया अर्थ दंड लगा है. वहीं तत्कालीन डीपीओ कामेश्वर प्रसाद पर भी 25 हजार रुपया, एसपी कार्यालय के लोक सूचना पदाधिकारी पर 5 हजार तथा वर्ष 2009 में तत्कालीन डीएसई पर 25 हजार रुपया अर्थ दंड लगाया गया था. कौशल किशोर तिवारी पंचायत सचिव पर भी आयोग ने जुर्माना लगाया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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