मानसी .युवाओं में नशीले पदाथार्ें का लत दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. इससे युवाओं के भविष्य पर भी प्रश्न चिह्न लगने लगा है. शादी विवाह हो या पर्व त्योहार, युवा नशा के लिए तरह तरह के फॉर्मूले अपनाते देखे जाते हैं. इतना ही नहीं कुछ युवा तो इसके आदि भी बन चुके है. नशा के आदि हो चुके युवा अपना शौक पूरा करने के लिए किसी भी हद तक गुजरने को तैयार हो जाते हैं. शराब या नशीली पदार्थ की मांग को पूरा करने के लिए युवा छिनतई, लूट, चोरी की घटना को अंजाम देने में भी परहेज नहीं करते हैं. आजकल शादी के मौसम में भी ऐसे युवा वर्ग शराब के नशे में धूत होकर अकारण ही लड़ाई झगड़े तथा मारपीट का कारण बन जाते है. कम उम्र के युवकों में सिगरेट व गुटखा खाने का प्रचलन इतना बढ़ गया है कि मानो इसके बिना चैन ही नहीं. इसके अलावे युवा नशा के रुप में अंग्रेजी टेबलेट ,कफ सीरप आदि का भी उपयोग कर रहे है . नशा मुक्त भारत के संस्थापक प्रेम कुमार यशवंत कहते है कि नशा के खिलाफ जगह जगह कार्यक्रम किया जा रहा है. कार्यक्रम में नशापान के दुष्प्रभाव के बारे में भी बताया जाता है. युवाओं में बढ़ते नशा का प्रचलन चिंता का विषय है . सरकार को भी इस पर विचार करना चाहिए. तथा नशे के विरुद्ध विज्ञापन आदि को बढ़ावा देना चाहिए. जिससे युवाओं में नशे के प्रति बढ़ी दिलचस्पी को समाप्त किया जा सके.
युवा पीढी में बढ़ रहा नशे का लत
मानसी .युवाओं में नशीले पदाथार्ें का लत दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. इससे युवाओं के भविष्य पर भी प्रश्न चिह्न लगने लगा है. शादी विवाह हो या पर्व त्योहार, युवा नशा के लिए तरह तरह के फॉर्मूले अपनाते देखे जाते हैं. इतना ही नहीं कुछ युवा तो इसके आदि भी बन चुके है. नशा […]
