खगड़िया: गेहूं की खेती करने वाले किसानों को इस बार भारी नुकसान उठाना पड़ा है. किसान इस समस्या को निदान तेज गति से चाहते हैं. लेकिन प्रशासनिक अमले इस मसले की फाइल को उतनी गति नहीं दे पा रहे हैं. जिससे जिले के किसानों में काफी क्षोभ व्याप्त है.
किसान का कहना है कि सरकार केवल घोषणा करती है. काम के नाम पर कुछ नहीं. उन्होंने हम किसान भाइयों का हाल चाल जानना भी जरूरी नहीं समझा. किसान रविंद्र कुमार, सतीश कुमार, आनंद कुमार आदि ने बताया कि खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल पूरी तरह से बरबाद हो गया है. लेकिन अभी तक उनलोगों को कोई देखने तक नहीं आया.
बताया जाता है कि फसल क्षति के सर्वे का काम सोमवार तक ही किया जाना था. जो बुधवार के देर शाम तक पूरा कर लिये जाने की बात भी सामने आ रही है. लेकिन किसानों का कहना है कि यह कैसी सर्वे हुई जिसमें न तो कोई खेत में लगे फसल को देखने आया न ही कोई पूछ ताछ करने आया. अब किसानों के बीच संशय की स्थिति इसलिए उत्पन्न हो गयी है क्योंकि उनलोगों को लग रहा है कि अब मुआवजा भी मिलेगा या नहीं.
अभी तक किसानों को मुआवजे की जानकारी नहीं
सरकार ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए घोषणा कर दी है. इसके बाद भी किसानों को यह पता नहीं है कि उनलोगों को मुआवजा कैसे मिलेगा. उल्लेखनीय है कि सरकार की तरफ से एक एकड़ पर नौ हजार रुपये दिये जाने की घोषणा की गयी है. लेकिन इसकी जानकारी तक किसानों को नहीं है. वे ऑन लाइन आवेदन कैसे करेंगे. कुछ किसानों ने बताया कि मुआवजे के लिए जितना कोरम को पूरा करने की बात की जा रही है. उतना तो वे लोग समझ भी नहीं पा रहे हैं. ऐसे में मुआवजा लेना तो दूर की बात होगी. किसानों ने जिलाधिकारी से इस प्रक्रिया को सरल किये जाने की मांग की है.
