खगड़िया: कार्यपालक सहायक की नियुक्ति की जांच रिपोर्ट जांच कमेटी के गठन के पंद्रह दिनों बाद भी नहीं आ पायी है. इस कारण अन्य अभ्यर्थियों के समक्ष भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. बताया जाता है कि इस संबंध में कई अभ्यर्थियों ने डीएम राजीव रोशन को आवेदन देते नियुक्ति में गड़बड़ी किये जाने का आरोप लगाया था. कई बार लगातार शिकायत मिलने के बाद डीएम ने इसके जांच के आदेश जारी कर दिये.
इसके बाद जांच के लिए थ्री मेन कमेटी बनी, जिसमें एडीएम एमएच रहमान, डीटीओ अब्दुल रज्जाक, वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा तथा पंचायती राज अधिकारी सिया राम सिंह को शामिल किया गया. लेकिन कमेटी गठन के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद जांच ही शुरू नहीं की गयी तो रिपोर्ट आने की बात तो दूर है.
कहते हैं अभ्यर्थी
नियुक्ति में हुई गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले अभिषेक प्रसाद, सिंटू कुमार, राजीव कुमार, निशा कुमार ने बताया कि जांच गलत तरीके से शुरू कर दी गयी है. नियुक्ति गड़बड़ी वर्ष 2013 में हुई है और जांच 2011 से शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा इन लोगों ने बताया कि जांच को लंबा खींचने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है. अभ्यर्थियों ने बताया कि जांच के लिए वे लोग कई बार अधिकारियों के पास गये हैं. अभ्यर्थियों ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.
कहते हैं डीएम
डीएम राजीव रोशन भी मानते हैं कि नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि वे स्वयं इस मामले को देख रहे हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ किया जा सकता है.
