जुगाड़ी पुल कोसीवासियों के लिए बनेगा रामसेतु

फोटो है 17 में कैप्सन : पुल समीप बन रही नाव की जुगाड़ पुल प्रतिनिधि, बेलदौरसंसाधनों के अभाव में भगवान राम ने लंका पर चढ़ायी करने के लिए दैविक शक्ति से हिंद महासागर पर पत्थर से पुल का निर्माण कर लिया था. ऐसी मान्यता है कि अभी भी उस पुल के अवशेष वहां मिल रहे […]

फोटो है 17 में कैप्सन : पुल समीप बन रही नाव की जुगाड़ पुल प्रतिनिधि, बेलदौरसंसाधनों के अभाव में भगवान राम ने लंका पर चढ़ायी करने के लिए दैविक शक्ति से हिंद महासागर पर पत्थर से पुल का निर्माण कर लिया था. ऐसी मान्यता है कि अभी भी उस पुल के अवशेष वहां मिल रहे हैं, लेकिन डुमरी स्थित कोसी बागमती पर बनी दो पुल भी बीते चार वर्षों से कोसिवासियों को निरंतर आवागमन सुविधा मुहैया करा पाने मे विफल साबित रही. सरकार द्वारा किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं किये जाने एवं कोसी क्षेत्र में आसमान छूती महंगाई को कंट्रोल में लाने के लिए नाविक संघ द्वारा तैयार किया जा रहा जुगाड़ पुल अब कोसी क्षेत्र के लिए राम सेतु का काम करेगा. यह पुल पूरे क्षेत्र में कौशल का मिसाल भी पेश करेगा. ये अलग बात है कि कोसी के जल स्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने तक ही मांझी के रामसेतु वाहनों को आरपार करा पायेंगे. टोल टैक्स के बदले नाविकों द्वारा वाहन मालिकों से घाट पार कराने की राशि वसूली जायेगी. इधर इस नाविक संघ द्वारा पुल को चालू कराये जाने की घोषणा भी कर दी गयी है. इस खबर से 150 किलोमीटर की अतिरिक्त दुरी तय कर जिला मुख्यालय या राजधानी जाने वाले वाहन मालिकों में खुशी की लहर है. हालांकि डुमरी पुल मरम्मत का रास्ता साफ हो जाने से लोगों में आवागमन सुलभ हो जाने की उम्मीद जग गयी है. संभवत: जनवरी से इस संबंध में उठ रहे सभी सवालों पर विराम लग जायेगा.

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