गोगरी : सरकार द्वारा लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवा देने का दावा गोगरी आते-आते फेल हो जाती है. विभाग द्वारा मिलनेवाली गोगरी अनुमंडल में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था अब भी पटरी पर नहीं चल रही है. खास कर ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो यहां की स्थिति अच्छी नहीं है.
संसाधन व सुविधा के अभाव के कारण अतिरिक्त व उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति दयनीय है. यहां अब भी झोलाछाप चिकित्सक ही जीवन के सारथी बने हैं. अनुमंडल में एक रेफरल अस्पताल के अलावे तीनो प्रखंड में एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ परबत्ता में पांच अतिरिक्त व 19 उप, बेलदौर में दो अतिरिक्त व 24 उप, गोगरी में पांच अतिरिक्त व 21 उप स्वास्थ्य केंद्र के साथ अनुमंडल में कुल 12 अतिरिक्त व 77 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं. इसके बावजूद लोगों को सरकारी चिकित्सा व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इन केंद्रों की स्थिति दयनीय बनी है. कहीं भवन के अभाव के कारण परेशानी तो कहीं शौचालय, रोशनी व पेयजल की है असुविधा.
बात गोगरी की करें तो यहां महेशखूंट अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र को छोड़ बाकी अन्य केंद्र को अब तक अपना भवन भी नहीं मिल सका है.
रोशनी की समुचित व्यवस्था कहीं नहीं है. कहने को तो महेशखूंट केंद्र पर शौचालय है. पर गंदगी के कारण लोग इधर जाना तक नहीं चाहते हैं. जबकि अन्य केंद्रों में वसुआ पसराहा गौछारी आदि केंद्रों की भी वही स्थिति है. जो निजी जगहों पर चल रहे हैं. अगर बात पेयजल व्यवस्था की करें तो कहीं भी पेयजल की विशेष व्यवस्था नहीं है. सभी जगह लगे चापाकल में आयरन की प्रचुरता है और लोग व मरीज उसी चापाकल का पानी पीने को मजबूर हैं. वहीं उपस्वास्थ्य केंद्रों में अधिकांश जगहों पर न तो शौचालय की और न पेयजल की ही समुचित व्यवस्था है.
