खगड़िया : अब जिले में लगभग जगहों पर फसलों की बुआई हो चुकी है और खेत में फसल भी लहलहाने लगे हैं. किसानों ने अपने खेतों में पहला पानी भी डालना शुरू कर दिया है. ऐसे में एक तरफ किसान यूरिया व खाद की किल्लत से जूझ ही रहे थे अब दूसरी परेशानी उनलोगों के समक्ष पटवन उत्पन्न हो गयी है. हो भी क्यों न सरकार की व्यवस्था जो खास्ताहाल है.
जानकारी के अनुसार जिले में किसानों की सिंचाई के लिए सातों प्रखंड में लगभग 150 नलकूपों की स्थापना की गयी थी. इसमें से एक भी अभी चालू स्थिति में नहीं है. जिससे किसानों के समक्ष यह समस्या प्रत्येक वर्ष उत्पन्न हो जाती है.
नलकूप की हुई थी मरम्मत
वर्ष 2006 के आस पास नलकूप को चालू कराने के नाम पर प्रत्येक नलकूप का मरम्मत किया गया था. इसके बाद इसके चालू किये जाने का प्रतिवेदन भी सौंप दिया गया, लेकिन एक भी नलकूप चालू नहीं हुआ. बताया जाता है कि प्रत्येक नलकूप पर एक एसबीओ भी बहाल था. लेकिन जब नलकूप के चालू होने का प्रतिवेदन दिया गया तो एक भी नलकूप पर एसबीओ नहीं पहुंचे. सवाल यह है कि आखिर तब नलकूप चालू कैसे हो गया.
