विफलता के कगार पर है अपनी योजना अपना गांव योजना

अलौली. विभागीय कर्मी एवं पदाधिकारियों की इच्छा शक्ति के अभाव में अपनी योजना अपना गांव कार्यक्रम विफलता के कगार पर पहुंचती नजर आ रही है. ग्राम पंचायत के वार्ड में जाकर सर्वे करना, नजरी नक्शा बनाना वार्ड स्तर पर आवश्यकता की खोज करना आदि चयनित रूप रेखा वार्षिक एवं पंच वर्षीय योजना के लिए तैयार […]

अलौली. विभागीय कर्मी एवं पदाधिकारियों की इच्छा शक्ति के अभाव में अपनी योजना अपना गांव कार्यक्रम विफलता के कगार पर पहुंचती नजर आ रही है. ग्राम पंचायत के वार्ड में जाकर सर्वे करना, नजरी नक्शा बनाना वार्ड स्तर पर आवश्यकता की खोज करना आदि चयनित रूप रेखा वार्षिक एवं पंच वर्षीय योजना के लिए तैयार किया जाना है. जिसकी स्वीकृति ग्राम सभा के माध्यम से होनी है. जिस बाबत कर्मी को अंबा इचरूआ एवं बांध चातर पंचायत के सभी वार्डों में कर्मी को लगा कर योजनाओं का चयन नहीं किया गया है. बल्कि उसे प्रशिक्षित भी किया गया. उक्त कार्य में पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत कृषि सलाहकार, न्याय मित्र, टोला सेवक, जीविका, साक्षरता, आवास सहायक आदि को लगाया जाना है. आज की स्थिति यह है कि इस कार्यक्रम पर कुछ नहीं किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में प्रखंड स्तर कोई पदाधिकारी या फिर मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी भी अपनी रूची नहीं दिखा रहे हैं.

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