महंगाई की दोहरी मार झेल रहे हैं कोसीवासी

प्रतिनिधि, बेलदौरअभिशप्त कोसी पर बनी डुमरी पुल से आवागमन बंद होते ही उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत अतिरिक्त किराये के कारण डेढ़ गुणा से दो गुणा तक बढ़ गयी है. इस कारण प्रखंड समेत कोसी वासियों में त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है. आयात एवं निर्यात किये जाने वाली वस्तुओं की कीमतों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी […]

प्रतिनिधि, बेलदौरअभिशप्त कोसी पर बनी डुमरी पुल से आवागमन बंद होते ही उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत अतिरिक्त किराये के कारण डेढ़ गुणा से दो गुणा तक बढ़ गयी है. इस कारण प्रखंड समेत कोसी वासियों में त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है. आयात एवं निर्यात किये जाने वाली वस्तुओं की कीमतों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने किसानों समेत प्रखंडवासियों की कमर तोड़ दी है. अपने दम पर क्षेत्र के मक्का उत्पाद किसान बेहतर उपज लेकर तेज गति से विकास कर ही रही थी, लेकिन शांत कोसी को किसी की नजर लग गयी. कोसी ने पहले 29 अगस्त को डुमरी पुल पर कहर ढाया तो बाकी रही सही कसर कुछ दिन पूर्व कोसी के कहर में स्टील ब्रीज के बह जाने से पूरी हो गयी. किसानों का पीला सोना (मक्का) किसानों के लिए ही बोझ हो गया. उत्पन्न हुई आवागमन की विकट संकटों के कारण निर्यात की जाने वाली किसान उत्पाद की कीमतों मे भारी गिरावट होने लगी तो आयातित वस्तुओं की कीमतों मे भारी इजाफा हो गया. मक्का व भूसा कम दरों पर बेचना किसानों की मजबूरी बन गयी. किसान कुलदीप सिंह, प्रदीप भगत, राजेश सिंह, बिजली शर्मा, अनिल सिंह आदि ने बताया कि बेहतर क्वालिटी के मक्का 850 से 900 रुपये रुपये प्रति क्विंटल खरीदार लेते है, जबकि इससे पूर्व जब डुमरी पुल व स्टील पाइल पुल चालू था तो इसी मक्के की कीमत 1080 रूपये प्रति क्विंटल थी. वहीं दूसरी ओर सब्जी की कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. जो सब्जी पहले 20 रुपये प्रति किलो मिल रही थी वही अब 50 रुपये प्रति किलो खरीदने को लोग मजबूर हैं.

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