प्रतिनिधि, मानसीस्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक नहीं रहने से महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में महिला मरीजों की संख्या अधिक देखी जाती है. सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को बेहतर सुविधा देने की बात कही जाती है. उसके बावजूद भी धरातल पर सुविधा नदारत रहती है. पीएचसी में महिला मरीजों को ना ही सही रूप से दवा मिल पाती है ना उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल पाता है. जबकि महिलाओं के लिए अस्पताल में परिवार नियोजन, प्रसव व कॉपर-टी जैसी सुविधा उपलब्ध है. महिला चिकित्सक नहीं रहने से महिला मरीज इस सुविधा का लाभ लेने से संकोच करती है. इलाज कराने आने वाली महिलाएं पुरूष चिकित्सक के समक्ष अपनी समस्या को नहीं रख पाती है. वही सामाजिक कार्यकर्ता बलवीर चांद ने कहा कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में अधिकांश गरीब तबके के लोग जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, वह निजी महिला चिकित्सक के समक्ष इलाज कराने असमर्थ महसूस करते है. इसलिए ऐसे लोगों के लिए महिला चिकित्सक स्थानीय पीएचसी में होनी चाहिए. उन्होंने कहा की इस संबंध मे सिविल सर्जन से महिला चिकित्सक की पद स्थापना की मांग करेंगे.
पीएचसी में महिला चिकित्सक पदस्थापना की मांग
प्रतिनिधि, मानसीस्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक नहीं रहने से महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में महिला मरीजों की संख्या अधिक देखी जाती है. सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को बेहतर सुविधा देने की बात कही जाती है. […]
