क्या वास्तव में हो पाता है सेवा निष्पादित

खगडि़या. आरटीपीएस एक्ट के तहत तय कार्य दिवस में आवेदकों को सेवा मुहैया कराने का प्रावधान है. यदि तय कार्य दिवस में आवेदकों को सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो दोषी कर्मियों पर आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान है. सूत्रों की मानें तो जाति, आय, आवासीय, ओबीसी प्रमाण पत्र आवेदकों को तय कार्य दिवस […]

खगडि़या. आरटीपीएस एक्ट के तहत तय कार्य दिवस में आवेदकों को सेवा मुहैया कराने का प्रावधान है. यदि तय कार्य दिवस में आवेदकों को सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो दोषी कर्मियों पर आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान है. सूत्रों की मानें तो जाति, आय, आवासीय, ओबीसी प्रमाण पत्र आवेदकों को तय कार्य दिवस में मिल जाता है. किंतु, पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मोटेशन व एलपीसी आवेदकों को तय कार्य दिवस में नहीं मिल पाता है. सूत्रों की मानें तो कुछ अंचलों में तो सेवा निष्पादित में भी हेराफेरी की जाती है. कहने का तात्पर्य यह है कि सेवा तैयार नहीं होने की स्थिति में भी सेवा का निष्पादन कर दिया जाता है. इससे इस एक्ट की सफलता पर प्रश्न चिह्न लग रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार जिस अंचल व प्रखंड कार्यालयों में काल बाधित आवेदनों की संख्या शून्य है, वैसे अंचल व प्रखंड कार्यालय में वरीय पदाधिकार अगर सेवावार व प्रति आवेदनों की जांच करें तो फर्जी तरह से सेवा निष्पादन का मामला सामने आ सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >