खगड़िया : सहरसा-खगड़िया-समस्तीपुर रेलखंड स्थित कई स्टेशनों का कायाकल्प होने वाला है. रेलवे ने इस रेलखंड स्थित पांच रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म निर्माण सहित तीन स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी दी है.
जानकारी के मुताबिक रेलवे ने समस्तीपुर-खगड़िया-सहरसा रेलखंड स्थित ओलापुर, इमली, सलौना, हसनपुर रोड व कोपरिया स्टेशन पर दूसरा प्लेटफॉर्म के निर्माण की मंजूरी दी है. इन रेल स्टेशनों पर पहले की तुलना में ऊंचे प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया जाएगा. प्लेटफॉर्म निर्माण के साथ-साथ तीन स्टेशन क्रमशः ओलापुर, सलौना तथा हसनपुर रोड स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज के निर्माण की भी हरी झंडी मिलने की बातें कही गयी हैं.
खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के पूर्व प्रतिनिधि राकेश सिंह ने बताया कि बीते छह सितंबर की रेल मंडल समिति की बैठक में खगड़िया के सांसद श्री कैसर ने अपने संसदीय क्षेत्र स्थित ओलापुर, इमली, कोपरिया एवं हसनपुर स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर प्लेटफॉर्म/फुट ओवरब्रिज के निर्माण का मुद्दा उठाया था. इसके बाद रेल-प्रशासन ने इन स्टेशनों पर नये प्लेटफॉर्म निर्माण सहित फुटओवर ब्रिज निर्माण की मंजूरी दी है. बताया कि निर्माण को लेकर रेलवे जोन के अधिकारियों ने इंजीनियरिंग विभाग के पास स्थानांतरित किया है.
रेल पटरी पार कर पहुंचते हैं यात्री दूसरे प्लेटफॉर्म पर
ओलापुर, इमली, सलौना, हसनपुर रोड व कोपरिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म के निर्माण के साथ ही उसकी ऊंचाई बढ़ाये जाने तथा ओलापुर, सलौना तथा हसनपुर रोड स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण हो जाने के बाद इन स्टेशनों से प्रतिदिन यात्रा आरंभ करने एवं यहां ट्रेन से उतरने वाले हजारों यात्रियों को बड़ा फायदा होगा.
फुट ओवरब्रिज के अभाव में इन स्टेशनों पर यात्री रेल पटरी को पार कर प्लेटफॉर्म बदलने को मजबूर हैं. ऐसे में प्रायः दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है. मालूम हो कि कुछ साल पहले धमहरा स्टेशन पर रेल पटरी होकर प्लेटफॉर्म बदल रहे कई रेल यात्री राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए थे. इस हादसे में कईयों को जान से हाथ धोना पड़ा था.
प्लेटफॉर्म बन जाने के बाद होगी सहूलियत
प्लेटफॉर्म नहीं रहने या फिर इसकी ऊंचाई पर्याप्त नहीं रहने भी इस रेलखंड स्थित ओलापुर, इमली, पहरजा गंगौर हॉल्ट सहित ऐसे कई स्टेशन ऐसे हैं, जहां मुलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. इन स्टेशनों पर तो यात्रियों को ट्रेन पर चढ़ने व उतरने में भी परेशानी होती है. इन स्टेशनों पर रेल पटरी के ही सामानांतर प्लेटफॉर्म है.
यानी प्लेटफॉर्म की ऊंचाई काफी कम है. ऐसे में बीमार, बुजुर्ग, महिला व बच्चों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी होती है. उल्लेखनीय है कि इस रेलखंड पर कई ट्रेनों का परिचालन देर शाम/रात में भी होता है. अधिकांश ट्रेनों में भीड़ हुआ करती है. भीड़ के कारण यात्री पायदान पकड़कर भी यात्रा करते हैं.
पहले तो यात्रियों की भीड़ ऊपर से प्लेटफॉर्म की कम ऊंचाई ऐसे में रात के अंधेरे यात्रियों को सामान के साथ ट्रेन पर चढ़ना या उतरना पड़े, तो उनकी परेशानी का सहज अंदजा लगाया जा सकता है. जानकार बताते हैं कि ट्रेन पर चढ़ने उतरने में आए दिन इन इन स्टेशनों पर यात्री घायल होते रहते हैं. गौरतलब है कि उक्त स्टेशनों पर ऊंचे प्लेटफॉर्म का निर्माण हो जाने के बाद यात्रियों को ट्रेन पर चढ़ने-उतरने में होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी.
