सावन में इस बार भी कीचड़ व नाला का पानी पार कर जायेंगे शिवभक्त

परबत्ता : आगामी 17 जुलाई से सावन का महीना शुरु होने वाला है. लेकिन कांवरियों की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रति प्रशासन लापरवाह बना हुआ है. ऐसे में एक बार फिर गंदगी, नाला के पानी सहित जलजमाव से जूझते हुए कावंरियों को शिव की भक्ति करने की नौबत है. अगुवानी बस स्टैंड उपेक्षित है. जबकि […]

परबत्ता : आगामी 17 जुलाई से सावन का महीना शुरु होने वाला है. लेकिन कांवरियों की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रति प्रशासन लापरवाह बना हुआ है. ऐसे में एक बार फिर गंदगी, नाला के पानी सहित जलजमाव से जूझते हुए कावंरियों को शिव की भक्ति करने की नौबत है.

अगुवानी बस स्टैंड उपेक्षित है. जबकि कांवरिया भक्त प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी अगुवानी गंगा तट से जल भरकर भागलपुर जिले के मड़वा स्थित भोलेनाथ ,मधेपुरा जिला के सिंहेश्वर भोले बाबा के अलावा सहरसा के बाबा बटेश्वर धाम व खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड स्थित बाबा फुलेश्वर मंदिर पहुंचकर सावन की सोमवारी को जलाभिषेक करते हैं.
साथ ही पूरे सावन महीने में प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में कावंरिये अगुवानी से गंगा पार कर सुलतानगंज पंहुचते हैं. लिहाजा, अगुवानी बस स्टैंड पर कावंरियों की भीड़ उमड़ पड़ती है.
अगुवानी बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान मे रखकर धर्मशाला का निर्माण कराया गया था, हांलाकि वर्षों बदहाल रहने के बाद परबत्ता विधायक के पहल पर धर्मशाला का जीर्णोद्धार हुआ, लेकिन इस धर्मशाला से आज भी यात्रियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है. प्रवेश द्वार पर हमेशा ताला लगा रहने से यात्रियों को निराशा ही हाथ लगती है. यहां ताला लटका रहता है.
सावन मास में अगुवानी गांगा घाट पर उमड़ेगी कावंरियों की भीड़
अगुवानी का धर्मशाला का हुआ कायाकल्प, यात्रियों को नहीं मिल रहा लाभ
बस स्टैंड परिसर पर जलजमाव बड़ी समस्या, दर्जनों शौचालय बदहाल
चारों ओर गंदगी का अंबार, प्रशासन अब तक बना है अंजान
जलजमाव, नालियों से बहता पानी, फैली रहती है गंदगी
सावन महीना में प्रत्येक रविवार को अगुवानी में कांवरियों का जमावड़ा लगने लगता है. जो देर रात तक अगुवानी धर्मशाला एवं स्टैंड परिसर में विश्राम कर आधी रात के बाद जल भरकर अगुवानी-महेशखूंट मुख्य मार्ग सहित अगुवानी नारायणपुर जीएन बांध से गुजरते हैं, लेकिन इस बार शायद प्रशासन की उदासीनता के कारण कावरियों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा.
कावंरियों की सुविधा को लेकर अभी तक प्रशासन सुस्त बना हुआ है. वर्षो से अगुवानी बस स्टैंड का अतिक्रमण एवं जलजमाव यहां पंहुचने वाले यात्रियों के लिये परेशानी का सबव बन सकता है. मालूम हो कि खगड़िया जिला सहित सहरसा, मधेपुरा एवं नेपाल तक के कावंरिया सुलतानगंज से जल भरने के लिये आज भी नाव से गंगा पार करते हैं. यह रास्ता सुलतानगंज तक पहुंचने का सस्ता एवं सुलभ है.लेकिन साल दर साल प्रशासनिक लापरवाही के कारण इसकी उपयोगिता घटने लगी है .

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >