खगड़िया : सदर प्रखण्ड के खर्राधार मुसहरी में पांच मई को भीषण आगजनी में अपना घर गंवा चुके दर्जनों लोग अनुदान से वंचित रहना पड़ा है. विभागीय पदाधिकारी जहां इन लोगों के घर नहीं जलने की बातें कह रहे हैं. वहीं सहायता राशि से वंचित रहे दर्जनों पीड़ित परिवारों ने अनुदान वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए योग्य परिवारों को अनुदान के लाभ से वंचित रखने तथा अपात्र लोगों को अनुदान दिये जाने की बातें कही है. सहायता राशि नहीं मिलने से इन महादलित परिवारों में आक्रोश व्याप्त है.
अयोग्य को मिला अनुदान, योग्य रह गए वंचित
खगड़िया : सदर प्रखण्ड के खर्राधार मुसहरी में पांच मई को भीषण आगजनी में अपना घर गंवा चुके दर्जनों लोग अनुदान से वंचित रहना पड़ा है. विभागीय पदाधिकारी जहां इन लोगों के घर नहीं जलने की बातें कह रहे हैं. वहीं सहायता राशि से वंचित रहे दर्जनों पीड़ित परिवारों ने अनुदान वितरण में भेदभाव करने […]

सरकारी आर्थिक सहायता से वंचित रहे लरुअन देवी, गायत्री देवी, आंनदी सदा, रवायन सदा, रामप्यारे सदा, लक्षो सदा, नरेश सदा, आंनदी सदा दू, बलेश्वर सदा, सुधा देवी, कंचन देवी, उज्जवला देवी सहित कई पीड़ित परिवारों ने सहायता राशि नहीं मिलने की बातें कही है. इनलोगों ने अग्नि पीड़ीत परिवारों की गलत व आधी-अधूरी सूची तैयार करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा अनुदान मुहैया कराने को लेकर डीएम से शिकायत करने की बातें कही है.अगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे भूख-हड़ताल व आमरण अनशन पर बैठेंगे.
टोला सेवक ने किया सौ से अधिक घर जलने का दावा. मुहल्ले के निवासी सह टोला सेवक रामवालक सदा ने कुछ अयोग्य परिवारों को भी सहायता राशि दिये जाने की बातें कही है. बताया कि 5 मई को वहां सौ से अधिक घर जले थे, लेकिन महज 40 परिवारों को ही अनुदान दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि इनमें 8 ऐसे लोगों के भी नाम शामिल है, जिनका घर जला भी नहीं. लेकिन बाबूओं की मेहरबानी से वे भी अनुदान प्राप्त करने में सफल हो गए. गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही इस मुसहरी टोला में में भीषण आगजनी हुई थी.
घटना स्थल पर पहुंचे बाबूओं ने इस आगजनी के शिकार हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता देने का भरोसा दिलाया था. मौके पर ही गांव वालों व स्थानीय जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों की सूची बनायी गयी.अनुदान वितरण के दौरान के दौरान आधे से अधिक परिवारों का नाम सूची से गायब थे.
अंचल कार्यालय में इनलोगों ने पहले गुहार लगाते हुए विरोध जताया. सहायता से वंचित रह गये लोगों ने अनशन पर बैठने व भूख-हड़ताल करने की बातें कही है. अगिनपीड़ित परिवारों से मिलने मंगलवार को खर्राधार पहुंचे अलौली विधायक चंदन कुमार को भी अनुदान से वंचित रहे लोगों ने अपना दुखड़ा सुनाया. सूची बनाने में भेद-भाव करने की जानकारी दी. पूछे जाने हल्का कर्मचारी व अंचल अधिकारी ने 40 घर जलने की बातें कही है. बताया कि सूची तैयार करने में कोई भेद-भाव नहीं किया गया,जिनका घर जला था,उन्हें ही सहायता राशि दी गई है.