खगड़िया : लोकसभा चुनाव में दिव्यांग मतदाताओं के लिये तीसरी कतार लगेगी. अब तक के चुनाव में दो कतार पहला पुरुष मतदाताओं के और दूसरा महिला मतदाताओं के लिए लगते रहे हैं. इस बार तीसरी कतार दिव्यांग मतदाताओं के लगाये जाने की बातें कही गई है. ये कतार भी सिर्फ नाम की होगी.क्योंकि मतदान केन्द्र पर पहुंचने के साथ ही दिव्यांयांगों को वोट डालने की व्यवस्था रहेगी.
मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगों के लिए लगेगी तीसरी कतार

मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगों के लिए लगेगी तीसरी कतार
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खगड़िया : लोकसभा चुनाव में दिव्यांग मतदाताओं के लिये तीसरी कतार लगेगी. अब तक के चुनाव में दो कतार पहला पुरुष मतदाताओं के और दूसरा महिला मतदाताओं के लिए लगते रहे हैं. इस बार तीसरी कतार दिव्यांग मतदाताओं के लगाये जाने की बातें कही गई है. ये कतार भी सिर्फ नाम की होगी.क्योंकि मतदान केन्द्र […]
चुनाव प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी आदित्य कुमार पियूष ने बताया प्रशिक्षण के दौरान ही सभी पीठासीन पदाधिकारी, प्रथम मतदान पदाधिकारी, द्वितीय मतदान पदाधिकारी सहित सभी पीसीसी सह गश्ती दण्डाधिकारी को यह बता दिया गया है कि दिव्यांगो, बुजुर्गो, गर्भवती महिलाओं के लिये मतदान केन्द्र पर अलग व्यवस्था रहेगी. केन्द्र पर पहुंचने के साथ ही इन्हें वोटिंग कराया जाएगा. ऐसे कमजोर/निःसहाय मतदाताओं के लिये मतदान केन्द्र पर अलग कतार की व्यवस्था की जाएगी.
दिव्यांगों को वाहन से पहुंचाने की व्यवस्था: आंकड़े के मुताबिक जिले में पीडब्लूडी मतदाताओं की संख्या 3 हजार 945 है. इस बार के लोकसभा चुनाव में मतदान के प्रतिशत को बढ़ाने के साथ-साथ सभी दिव्यांगों को मतदान केन्द्र तक वोटिंग केन्द्र तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है.
जानकार बताते हैं असुविधा के कारण ऐसे मतदाता प्रायःवोट डालने से कतराते हैं. लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस बार के चुनाव में दिव्यांगों के लिये व्यवस्था दुरूस्त कर इन्हें केन्द्र पर ले जाने की तैयारी करने के आदेश सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को जारी किया है.
इधर प्रशिक्षक कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी पियूष ने कहा कि दिव्यांगों तथा मतदान केन्द्र पर पहुंच पाने में असमर्थ रहे मतदाताओ को केन्द्र पर ले जाने तथा मतदान के बाद वापस घर पहुंचाने के लिये वाहन की व्यवस्था की जायेगी. मतदान केन्द्रों व्हील चेयर, ट्राइसाइकिल भी उपलब्ध रहेंगे.
अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर मतदान केन्द्र पर पहुंचने वाले माताओं के बच्चों का भी ख्याल रखा जायेगा. छोटे बच्चों के लिये पालना तथा बच्चों की देख रेख के लिये वहां आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका/सहायिका को केन्द्र पर तैनात किया जायेगा.