इइ व सात जेइ के वेतन भुगतान पर लगी रोक

सात निश्चय योजना में उदासीनता बरतने का है आरोप खगड़िया : पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित इस विभाग के कनिय अभियंता के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है. पीएचइडी विभाग के सभी आठों अभियंताओं के वेतन भुगतान पर डीएम जय सिंह ने रोक लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछा है. […]

सात निश्चय योजना में उदासीनता बरतने का है आरोप

खगड़िया : पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित इस विभाग के कनिय अभियंता के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है. पीएचइडी विभाग के सभी आठों अभियंताओं के वेतन भुगतान पर डीएम जय सिंह ने रोक लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछा है. जन उपयोगी एवं सरकार की महत्वपूर्ण योजना के कृयान्वयण में उदासीनता/लापरवाही बरतने के आरोप में वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है. बताया जाता है कि इस राज्य भर में सीएम के सात निश्चय योजना की जिले में काफी खराब स्थिति है. बदतर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है
कि इस जिले का रेंकिंग राज्य भर में 37 वां है. यानी नीचे के जिले से एक नंबर ऊपर है. जानकारी के मुताबिक सीएम के सात निश्चय में शामिल हर-घर नल का जल की उपलब्धि बदतर रहने के कारण डीएम ने इन सभी अभियंता के वेतन भुगतान पर रोक लगाई है. पूर्व में भी पीएचईडी विभाग के अभियंताओं को इस कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए जाते रहें है, लेकिन प्रगति नहीं लाई गई. सोमवार को समीक्षा के दौरान भी इस योजना की स्थिति ज्यो-की-त्यो पाई गई. जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने कार्यपालक अभियंता सहित सात जेई के वेतन पर रोक लगा दी.
अन्य योजना की समीक्षा. बैठक में सात निश्चय में शामिल स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की गई. हांलाकि इस योजना के तहत प्राप्त कई आवेदन बैंको में लंबित पड़े हुए. फिर भी इस जिले का नम्बर राज्य में तीसरा है. यानी दूसरे नम्बर पर खगड़िया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि अन्य जिलों की स्थति और भी अधिक खराब है. समीक्षा के दौरान डीएम ने एलडीएम को बैको में लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन कराने तथा डीआरसी प्रबंधक को उन बैंको को चिन्हित करने को कहा गया, जहां ऋण आवेदनों को लंबित रखा जाता है. वहीं शौचालय निर्माण के मामले में यह जिला 15 वें स्थान पर रहा है. डीएम ने तेजी से शौचालयों का निर्माण कराने, समय सीमा के भीतर जिले को
ओडीएफ कराने, लाभुकों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने, जीओ टैगिंग करने, एमआईएस इंट्री में तेजी लाने का निर्देश जारी किया. बैठक में डीडीसी राम निरंजन सिंह, प्रभारी डीआरडीए निदेशक मुकेश कुमार सिन्हा,सदर एसडीओ मनेष कुमार मीणा, सदर डीसीएलआर राकेश रमण, वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कुमारी, एलडीएम एसके राय सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे.
वेतन पर भी रोक
स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के उक्त सहायक अभियंता खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के भी प्रभार में है. डीएम ने आरोप गठित करने, निलंबन की अनुशंसा करने सहित अगले आदेश तक इनके वेतन भुगतान पर भी रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं.
विधायक ने की थी शिकायत
सूत्र बताते हैं कि योजना की स्थिति खराब रहने, तेजी से काम नहीं कराने, प्रशासनिक स्वीकृति के बाद भी प्राक्कलन तैयार नहीं करने, काम आरंभ नहीं कराए जाने की शिकायत सदर विधायक पूनम देवी यादव ने भी डीएम से की थी. विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की गयी.
लापरवाही का मामला
सहायक अभियंता के विरुद्ध उक्त सभी कार्रवाई के आदेश इसलिए जारी हुए हैं, क्योंकि उन्होंने कार्य के प्रति लापरवाही व उदासीनता बरती थी. बताया जाता है कि ये खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के भी प्रभार में है. यहां ये कई योजनाओ के अभिकर्ता है. लेकिन निर्माण कराने में ये रुची नहीं दिखा रहें है. समीक्षा के दौरान ये बातें सामने आई थी कि कार्य के प्रति अभिरुची नहीं दिखाने तथा इनकी उदासीनता की वजह से कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधूरी पड़ी हुई है. निर्माण कार्य की स्थिति इतनी बदतर है कि वर्ष 2015 में स्वीकृत हुई कुछ सड़क का निर्माण कार्य आज तक आरंभ भी नहीं किया गया है. वहीं कुछ योजना की स्थिति यह है लाखों खर्च के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है.
सहायक अभियंता की रिपोर्ट भी पायी गयी भ्रामक
विभागीय सूत्रों के मुताबिक डीएम द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सहायक अभियंता श्री बैठा ने बालू के अभाव में 7 योजनाओं के कार्य आरंभ नहीं हो पाने की जानकारी डीएम को दी थी. लेकिन खनन विभाग के द्वारा दिए गए प्रतिवेदन ने सहायक अभियंता की रिपोर्ट को भ्रामक/गलत बता दिया. खनन विभाग ने जिले में 45 हजार सीएफटी बालू उपलब्ध रहने की रिपोर्ट डीएम को दी है. जिसके बाद सहायक अभियंता द्वारा बालू की अनउपलब्धता की दी गयी रिपोर्ट को खारीज कर दी गयी. डीएम का मानना है कि रिपोर्ट भी सही गलत है और काम के प्रति उदासीनता व लापरवाही बरती गयी है.

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