गोगरी : प्रखंड क्षेत्र के दियारा में स्थित चार पंचायतों के लोगों के आवागमन के लिये रेलवे के रिटायर्ड पुल का ही सहारा है. सहरसा मानसी रेलखंड पर छोटी लाइन की वर्षों पूर्व बने परित्यक्त पुल संख्या 47 सहित अन्य पुल होकर खतरों से जूझते हुए रोज जिंदगी दौड़ रही है. जहां कोसी नदी के […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गोगरी : प्रखंड क्षेत्र के दियारा में स्थित चार पंचायतों के लोगों के आवागमन के लिये रेलवे के रिटायर्ड पुल का ही सहारा है. सहरसा मानसी रेलखंड पर छोटी लाइन की वर्षों पूर्व बने परित्यक्त पुल संख्या 47 सहित अन्य पुल होकर खतरों से जूझते हुए रोज जिंदगी दौड़ रही है. जहां कोसी नदी के कटाव के कारण पुल का अस्तित्व खतरे में पड़ता दिख रहा है.
वहीं पुल का उपरी भाग काफी जर्जर हो चुका है. जिसमें जहां-तहां गड्ढा बन गया है. मोटरसाईकिल तो दूर लोग पैदल पार करने में भी भगवान का नाम लेते हैं. जो सुरक्षित पुल संख्या 47 को पार कर लेते हैं वह अपने भगवान का लाख-लाख शुक्रिया अदा करते हैं.
रिटायर्ड पुल पर बढ़ रहा कटाव का खतरा : विगत एक माह से फनगो हाल्ट से पूर्व परित्यक्त पुल संख्या 47 के दक्षिणी छोड़ पर कोसी नदी का दबाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. कटाव के कारण पुल के दक्षिणी छोड़ के पाये के नीचे से मिट्टी खिसकता जा रहा है. जिससे एप्रोच के कटने की संभावना काफी बढ़ गई है.
लेकिन इस ओर किसी भी जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी का ध्यान नहीं जा रहा है. लोगों की माने तो अगर पुल से सटे एप्रोच बह जाता है तो लगभग 20 हजार की आबादी आवागमन से पूर्ण रूपेण प्रभावित हो जाएगी. मालूम हो कि परित्यक्त पुल संख्या 47 होकर दियारा वासी रोज गंतव्य स्थान के लिये जाते हैं. दियारा के ठुठ्ठी मोहनपुर, बुच्चा व सरसवा पंचायत वासियों के लिए मुख्य सड़क मार्ग छोटी लाइन का परित्यक्त पुल संख्या 47 ही है.
कहते हैं लोग
बुच्चा पंचायत के पूर्व मुखिया उपेंद्र प्रसाद सिंह, सरसवा के मुखिया पति फोटो यादव, ठुठ्ठी मोहनपुर पंचायत के पंसस अनिल कुमार सिंह आदि कहते हैं कि सरकारी अधिकारियों द्वारा कई वर्षों से यही कहा जा रहा है कि बदला से कोपरिया तक सड़क निर्माण जल्द ही हो जायेगा.लेकिन अब तक इस दिशा में किसी भी प्रकार का कार्य आरंभ नहीं हो सका है. लोगों का कहना है कि अगर कटाव स्थल पर शीघ्र कार्य नहीं आरंभ कराया गया तो इस क्षेत्र के लोगों का धमारा घाट स्टेशन तक जाने वाली सड़क से संपर्क भंग हो जायेगा.
कहते हैं जिप उपाध्यक्ष
पुल पर कोसी नदी का दबाव बढ़ने से तीन पंचायतों का सड़क संपर्क भंग होने की संभावना बढ़ती जा रही है. इस ओर डीएम सहित अन्य उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा. जिससे एप्रोच को बचाया जा सके.