सिलिंडर फटने से हुई मौत के बाद गमगीन हुआ इलाका

खगड़िया : छठ के दौरान शहर के दाननगर मुहल्ला में सिलिंडर फटने से मामा-भांजे की मौत के बाद माहौल गमगीन हो गया. खुशी के माहौल में हुए हादसे में कई लोगों की जान जा सकती थी. दो की मौत के बाद लगभग नौ लोग जख्मी हो गये. इनमें से तीन लोगों की हालत नाजुक है. […]

खगड़िया : छठ के दौरान शहर के दाननगर मुहल्ला में सिलिंडर फटने से मामा-भांजे की मौत के बाद माहौल गमगीन हो गया. खुशी के माहौल में हुए हादसे में कई लोगों की जान जा सकती थी. दो की मौत के बाद लगभग नौ लोग जख्मी हो गये. इनमें से तीन लोगों की हालत नाजुक है. घटना के बाद शहर के लोगों का उत्साह फीका हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. मृतक के घर देर रात तक सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रही.

मृतक गोलू की मां बार बार बेहोश हो रही थी. गोलू छठ मनाने के लिए गोगरी थाना क्षेत्र के गौछारी गांव से खगड़िया दान नगर अपने ननिहाल आया था. इसी दौरान उसकी मौत हो गयी.

परिजन को मिले पांच लाख रुपये: घटना की जानकारी मिलते ही वार्ड संख्या पांच के वार्ड पार्षद सह नगर सभापति सीता कुमारी, पूर्व नगर सभापति मनोहर कुमार यादव ने गंभीर रूप से जख्मी दीपक, पांचू रंजीत को आर्थिक सहायता देकर बेहतर इलाज के लिए भिजवाया. नगर सभापति श्रीमति कुमारी ने जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को पांच पांच लाख रुपये देने की मांग की. उन्होंने कहा कि लोक आस्था के महापर्व के दौरान इस तरह की हुई हृदय विदारक घटना दिल दहलाने वाली है.
उन्होंने मृतक के परिजन को दाह संस्कार के लिए कबीर अन्त्येष्टि योजना से तीन तीन हजार रुपये दिये. मौके पर सदर अस्पताल में सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पांडे, बीडीओ रवि रंजन, सीओ नौशाद आलम, वार्ड पार्षद चंद्रशेखर कुमार, नसीम उद्दीन, पूर्व पार्षद पप्पू यादव, अरुण ठाकुर, बिनोद कुमार उर्फ गुग्गु यादव आदि उपस्थित थे.
उधर, दाननगर निवासी मृतक अजीत कराटे का भी प्रशिक्षण युवाओं को देता था. समय मिलने के बाद अजीत गुब्बारा भरकर व्यवसाय करता था. अजीत के भाई बमबम भी इस व्यवसाय में शामिल था. स्थानीय लोगों ने बताया कि गुरुवार की देर शाम अजीत का भाई बमबम गुब्बारा भर रहा था और अजीत पास में खड़े बच्चों को बेच रहा था. इसी दौरान सिलिंडर फट गया जिसके कारण अजीत की मौत हो गयी. अजीत और उसके भांजा गोलू की मौत हो गयी. कराटे के प्रशिक्षण में अजीत की पहचान थी. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सैकड़ों युवा अजीत की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया सभी युवाओं की आंखें नम थी.
बुझ गया घर का चिराग
गौछारी गांव निवासी हरेराम चौरसिया का पुत्र गोलू घर का इकलौता चिराग था. घर के इकलौते चिराग की मौत के बाद हरेराम चौधरी बेशुध हो गया. वहीं गोलू की मां रह रह कर बेहोश हो रही थी. स्थानीय लोगों ने बताया कि गोलू नानी के घर छठ मनाने दान नगर आया था. हंसते खेलते परिवार का अचानक घर का चिराग बुझ गया.

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