खगड़िया : सरकारी कार्यालयों के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्र में भी पेपरलेस कामकाज होगा. इसके लिए सरकार जल्द ही सुविधा देने जा रही है. आंगनबाड़ी सेविका द्वारा किये गये प्रत्येक कार्यों का आंकलन जिला से लेकर दिल्ली तक तत्काल देखा जा सकेगा. क्योंकि अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सभी कार्य पेपर लेस होगा. सारे कार्य मोबाइल […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खगड़िया : सरकारी कार्यालयों के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्र में भी पेपरलेस कामकाज होगा. इसके लिए सरकार जल्द ही सुविधा देने जा रही है. आंगनबाड़ी सेविका द्वारा किये गये प्रत्येक कार्यों का आंकलन जिला से लेकर दिल्ली तक तत्काल देखा जा सकेगा. क्योंकि अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सभी कार्य पेपर लेस होगा. सारे कार्य मोबाइल बेस्ड डाटा से निबटाया जायेगा. इसके साथ ही कार्य में भी पारर्दशिता आएगी. योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचेगा.
प्रथम चरण में आइसीडीएस के सभी डाटा आपरेटरों का दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित किया जायेगा. कार्यशाला में आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची, उनका स्थल, आंगनबाड़ी का तीन व ग्यारह नंबर का कोड व सेंटर वाइज महिला पर्यवेक्षिका का मिलान कर सूची कार्यशाला में तैयार करायी जाएगी.
बीएमजीएफ व बिहार सरकार के साथ हुआ अनुबंध
बिलगेट्स मिरिंडा फाउंडेशन व बिहार सरकार के द्वारा हुए अनुबंध के बाद इस कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया गया है. दूसरे चरण में जिले के सभी प्रखंडों के आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल बेस्ड प्रशिक्षण दिया जायेगा. ताकि आंगनबाड़ी सेविका द्वारा केंद्र के सभी कार्यों का कार्य मोबाइल एप्स के जरिए हो सकेगा. इस सिस्टम के लागू होने से प्रत्येक आंगनबाड़ी का डाटा देश में कहीं भी देखा जा सकेगा. प्रशिक्षण कार्य में डीआरयू शामिल होगा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों का पेपर लेस कार्य समाप्त होने के बाद जहां पदाधिकारियों को मॉनीटरिंग में सुविधा होगी. वहीं कार्य की पारदर्शिता भी स्पष्ट दिखेगा.
सेविका को दिया जायेगा मोबाइल आधारित प्रशिक्षण
डीआरयू के प्रशिक्षकों की ओर से दिया जायेगा प्रशिक्षण