नवाह पाठ से भक्तिमय हुआ डुमरिया बुजुर्ग

परबत्ता : प्रखंड अंतर्गत सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग में नव निर्मित भगवती मंदिर उत्तर बिहार का गौरव बना हुआ है. इन दिनों नवाह पाठ से माहौल भक्तिमय हो चुका है. करोड़ों की लागत से नव निर्मित भगवती मंदिर गांव की एकता, अखंडता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. डुमरिया बुजुर्ग के ग्रामीणों ने […]

परबत्ता : प्रखंड अंतर्गत सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग में नव निर्मित भगवती मंदिर उत्तर बिहार का गौरव बना हुआ है. इन दिनों नवाह पाठ से माहौल भक्तिमय हो चुका है. करोड़ों की लागत से नव निर्मित भगवती मंदिर गांव की एकता, अखंडता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. डुमरिया बुजुर्ग के ग्रामीणों ने अध्यात्म के प्रति एक गजब का मिसाल कायम किया है. गांव के प्रत्येक वेतन भोगी अपने एक महीने के वेतन एवं किसानों ने अपने खेती की कमाई का एक हिस्सा मंदिर के निर्माण में दान किया. लगभग दो वर्ष का समय लगा मंदिर के निर्माण कार्य पूर्ण होने में, जो आज भव्य मंदिर के रूप में स्थापित है.

क्या है मान्यता. मां के दरबार में उपस्थित होने से मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित मां भगवती, सरस्वती, लक्ष्मी, शिवलिंग और बजरंगवली का आकर्षक प्रतिमा देख कर ऐसा प्रतीक होता हैं कि भगवान साक्षात विराजमान हैं. मां भगवती की महिमा अपरमपार है.
कलश पूजन का विशेष महत्व. शारदीय नवरात्रि में कलश पूजा का विशेष महत्व होता हैं. सैकड़ों की संख्या में भक्त जन कलश स्थापित कर पूजा अर्चना करते हैं. रजनीश स्नेह, पिंटू हजारी बताते हैं कि शारदीय नवरात्र में भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ता है. मां भगवती सबकी मन्नतें पूर्ण करती हैं. उत्तर वाहिनी गंगा तट पर अवस्थित अगुवानी एवं डुमरिया बुजुर्ग गांव, शिक्षा, राजनीति, संगीत आदि कार्यों को लेकर एक अलग पहचान है. मौके पर उपेंद्र हजारी, बाल मुकुंद महंत, मन्नू चौधरी, त्रिपुरारी सिंह, अगुवानी मुखिया पिन्टू कुमार सहित अन्य ग्रामीण थे.

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