20 हजार हैक्टेयर में धान रोपनी का है लक्ष्य
जुलाई माह में 271 एमएम हुई बारिश
खगड़िया : सावन की रिमझिम बारिश से जिले के किसान अह्लादित हैं. पानी की भरपूर उपलब्धता से जिले में धान की रोपनी लगभग अंतिम चरण में है. विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 70 फीसद से ज्यादा रोपनी हो चुकी है. पानी की उपलब्धता इसी तरह बनी रही, तो आने वाले एक पखवारे में रोपनी का काम लगभग पूरा हो जाएगा. ऐसे में डीएपी, यूरिया, एनपीके व फास्फेट आदि उर्वरकों की मांग बढ़ गई है. कृषि विभाग के लिए राहत की बात यह है कि अबतक खाद की किल्लत की शिकायत कहीं से नहीं मिल पाई है. विगत कुछ वर्षों में खाद की कालाबाजारी से किसानों को जूझना पड़ा था. विभाग इसे लेकर पिछले वर्ष से ही एहतियातन चौकस है.
सामान्य से अधिक हुई है बारिश
जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने खरीफ की खेती के अनुकूल माहौल बना दिया है. किसानों की मानें तो यह धान की खेती के लिए अमृत के समान है. लोगों को इस बार धान के बंपर उत्पादन की उम्मीद है. कृषि विभाग भी मानसून के अनुकूल होने से उत्साहित है. विभाग के अनुसार अब तक जिले में लगभग 271 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है. अच्छी खेती के लिए सामान्य तौर पर जिले में जुलाई माह तक 275.5 एमएम बारिश की आवश्यकता होती है. जबकि अभी जुलाई माह में लगभग 5 दिन शेष हैं व मानसून की सक्रियता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि अभी और बारिश हो सकती है.
कहते हैं डीएओ
जिला कृषि पदाधिकारी दिनकर प्रसाद सिंह ने बताया कि धान की रोपनी जोर-शोर से चल रही है. किसानों को हर संभव सहायता के लिए विभागीय स्तर पर तैयारी कर ली गई है. उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. जिले में इस वर्ष पर्याप्त पानी उपलब्ध है, जहां लोग रोपनी को ले सशंकित रहते थे, किसानों को उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी. डीएओ ने बताया कि इस वर्ष 20 हजार हेक्टेयर में धान रोपनी का लक्ष्य है. 70 प्रतिशत धान की रोपाई हो चुकी है.
