हाथ में चप्पल लेकर यात्रा करते हैं लोग

बुरा हाल. बारिश ने बिगाड़ी शहर की सूरत, अधिकांश सड़कों की हालत बदतर खगड़िया : शहर की सड़कों पर जा रहे हैं संभल कर जाइयेगा. कारण, शहर की अधिकांश सड़कें जलजमाव में गुम हो गयी है. स्थिति यह है कि नगर की अधिकांश मार्गों में जलजमाव के कारण लोगों की मुसीबतें इन दिनों बढ़ गयी […]

बुरा हाल. बारिश ने बिगाड़ी शहर की सूरत, अधिकांश सड़कों की हालत बदतर

खगड़िया : शहर की सड़कों पर जा रहे हैं संभल कर जाइयेगा. कारण, शहर की अधिकांश सड़कें जलजमाव में गुम हो गयी है. स्थिति यह है कि नगर की अधिकांश मार्गों में जलजमाव के कारण लोगों की मुसीबतें इन दिनों बढ़ गयी है. चाहे गोशाला रोड की बात करें या सदर अस्पताल जाने वाली सड़क. इसी तरह स्टेशन रोड हो या मुख्य बाजार की सड़कें. हर ओर जलजमाव का नजारा आम है.
बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश ने शहर के सड़कों की सूरत बिगाड़ कर रख दी है. अधिकांश सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया है. आलम यह है कि शहर की सड़कों पर चप्पल हाथ में लेकर चलने की नौबत है. जगह-जगह सड़क गड‍्ढे में तब्दील हो गयी है. बारिश में गड‍्ढे में पानी भर जाने से छोटे-बड़े वाहन या पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गौशाला रोड, सन्हौली के आधे से अधिक आबादी ग्रामीण इलाके में आते हैं. जहां लोगों को पैदल चलने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. इसी प्रकार रेलवे लाईन, नगर परिषद क्षेत्र के अधिकांश हिस्से का हाल भी बेहाल है.
नगर परिषद क्षेत्र के भारती नगर, एसएलडीएवी रोड जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी सड़क से आना जाना करते हैं. सूर्यमुखी मंदिर चौक से सन्हौली गांव जाने वाली सड़क तथा गौशाला रोड के पटेल चौक से सूर्य मंदिर चौक सन्हौली के मुख्य मार्ग पर बारिश के पानी से जल जमाव की समस्या मुंह बाये खड़ी है.
कदम-कदम पर गड्ढे, राहगीरों का हो रहा जीना मुहाल
यह तसवीर गौशाला रोड की है. यहां जल जमाव की स्थिति से विगत वर्षों से लगभग दर्जनभर पंचायतों के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण वर्ष 2012 में शुरू किया गया था. तब से लेकर अब तक उक्त सड़क की मरम्मत नहीं किए जाने से जगह-जगह सड़क गड‍्ढे में तब्दील हो गई है. इस सड़क से सोनमनकी सहित दर्जन भर पंचायत के लगभग 50 हजार से अधिक की आबादी के साथ छोटे-बड़े वाहनों का आना जाना होता है. स्थानीय डब्लू कुमार, हेमंत कुमार, सुनील कुमार, जय कुमार आदि ने बताया कि बरसों से यही हालात से जूझ कर साल के तीन से चार महीने हजारों की आबादी को जूझना पड़ता है.
यह तसवीर सन्हौली सूर्य मंदिर चौक से सन्हौली गांव की ओर जानेवाली सड़क की है. जहां सुखाड़ में भी लोगों को पैदल चलने के लिए हाथ में जूता-चप्पल उठाकर चलना पड़ता है. कई बार उक्त सड़क के निर्माण को लेकर बैठक एवं सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित कर सड़क एवं नाला निर्माण की मांग की गयी थी. लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. स्थानीय निवासी मिथुन कुमार शर्मा, अंकित सिंह चंदेल, विप्लव रंधीर आदि ने कहा कि जलजमाव की समस्या से निजात के लिये कई बार आंदोलन हुआ लेकिन समस्या के निदान के प्रति अधिकारी व जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं.
यह तसवीर एसएलडीएवी स्कूल रोड की है. उक्त रोड से सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय तथा कोचिंग सेंटर आते-जाते हैं. इस मार्ग में कई शिक्षण संस्थान भी हैं. परंतु, उक्त सड़क निर्माण के लिए न तो स्थानीय जनप्रतिनिधि गंभीर हैं और न ही ही नगर परिषद सदस्य गंभीर हैं. स्थानीय शंभू शरण सिंह, संजय कुमार, सूर्य प्रकाश बजरंगवली आदि लोगों ने बताया कि इस मार्ग से सैकड़ों स्कूली बच्चे गिरते पड़ते रोज स्कूल कोचिंग पढ़ने के लिये जाते हैं. लेकिन जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है.
यह तस्वीर नगर परिषद क्षेत्र संख्या 14 भारती नगर का है. जहां नाला नहीं रहने के कारण बीते कई वर्षों से सड़क पर जल जमाव की स्थिति बनी रहती है. बारिश होने पर भारती नगर का पानी महिला थाने में प्रवेश कर जाता है. इसकी शिकायत नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से भी की गई. शिकायत पर थाना परिसर से जल निकासी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. स्थानीय निवासी रामदेव यादव, सुधीर सिंह, अंजय कुमार, वीरेन्द्र सिंह आदि ने बताया कि अब तो जलजमाव की समस्या से निबटना नियति बन गयी है.

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