खगड़ियाः खगड़िया जिले में पदस्थापित तत्कालीन रेंजर रौदी भेड़िहर को विभाग ने सेवा से बरखास्त कर दिया है.प्रखंड मुख्य वन संरक्षक बिहार ने श्री भेड़िहर के बरखास्तगी के आदेश जारी किये हैं. वर्तमान समय में आरोपी उक्त पदाधिकारी मुजफ्फरपुर में उड़नदस्ता प्रक्षेत्र में पदस्थापित हैं. बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील)नियमावली 2005 के 20(1) के तहत पूर्व रेंजर को आपराधिक आरोपों में दोष सिद्ध होने के कारण उन्हें सेवा से बरखास्त किया गया है.
10 हजार लेते पकड़ाये थे
पूर्व रेंजर को निगरानी की टीम ने खगड़िया कार्यकाल के दौरान ही दो जुलाई 2004 को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. लकड़ी से लदे ट्रैक्टर नंबर बीआर 34/2053 को छोड़ने के लिए पूर्व रेंजर के द्वारा रिश्वत मांगी गयी थी. इसकी शिकायत एक व्यक्ति ने निगरानी विभाग को करते हुए आरोपी उक्त पदाधिकारी रिश्वत दी थी. तब राजेंद्र सिंह उप आरक्षी अधीक्षक(निगरानी) के नेतृत्व में गठित टीम ने 10 हजार रुपये लेते उन्हें गिरफ्तार किया था. जिसके बाद उनके विरुद्ध केस 06/2004 दर्ज किया गया था.
हुई थी सजा
निगरानी टीम के द्वारा दर्ज करायी गयी मामले में पूर्व रेंजर को आरोप होने के पश्चात इस मामले में प्रीभेनशन ऑफ करप्सन एक्ट की धारा 7 एवं धारा 3(1) (डी) के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनायी थी. जिसके बाद विभाग ने भी 12 फरवरी 2014 को आरोपी इस पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था. 25 फरवरी 2014 को उनकी उपस्थिति में विभागीय पदाधिकारियों ने इस मामले की सुनवाई की. तत्पश्चात पूर्व रेंजर को कर्तव्य के निर्वहन में रिश्वत लेने जैसी गंभीर आरोप के कारण उनकी सेवा को समाप्त करने का फैसला सात मार्च को प्रधान मुख्य वन संरक्षक के द्वारा सुनाया गया है. आटीआइ कार्यकर्ता शैलेंद्र सिंह तरकर द्वारा मांगी गयी सूचना के बाद यह जानकारी विभाग के एक पदाधिकारी दीपक सिन्हा ने दी है.
