खुलासा. स्वीकृत पद के अलावा बहाल सभी कर्मचारी फर्जी
आर्य कन्या उच्च विद्यालय प्रकरण में 56 कर्मियों की फर्जी बहाली प्रकरण में राज्यस्तरीय टीम ने जांच पूरी कर ली है. ना पद सृजन का विभाग से अनुमोदन और ना ही दूसरे सरकारी नियमों का पालन. बस पिछले दरवाजे से विद्यालय में 56 कर्मचारियों की बहाली कर ली गयी. जांच टीम ने भी माना कि स्वीकृत पद के अतिरिक्त बहाल कर्मचारी पर जल्द ही कार्रवाई हो
सकती है.
खगड़िया : आर्य कन्या उच्च विद्यालय में 56 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की बहाली में फर्जीवाड़ा प्रकरण फिर सुलग उठा है. फर्जी बहाली प्रकरण तूल पकड़ने के बाद राज्य स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच पूरी कर ली है. जांच टीम ने भी माना है कि विद्यालय में 56 कर्मियों की बहाली में नियम कायदे को ताक पर रख दिया गया. जांच टीम का नेतृत्व कर रहे शिक्षा विभाग के अवर सचिव विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में स्वीकृत पद के अतिरिक्त बहाल कर्मचारी फर्जी माने जायेंगे. साथ ही फर्जी कर्मियों को वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा को भी जांच टीम ने गंभीरता से लिया है.
जांच अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि ऐसे शिक्षकों को सरकारी राशि से वेतन भुगतान किया जाना पूरी तरह से गलत है. बता दें कि विद्यालय में स्वीकृत 13 पद के एवज में 63 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत हैं. बीते बरसों में ना पद का सृजन और ना विभाग से अनुमोदन…बस सरकारी नियम कायदे को ताक पर रख कर विद्यालय में फर्जी तरीके से 56 कर्मचारियों की बहाली कर ली गयी. इतना ही नहीं इसके बाद शिक्षा निदेशक से नियुक्ति के बिना अनुमोदन के ही समायोजन फिर वेतन भुगतान कर दिया गया. बाद में मामला तूल पकड़ने के बाद शिक्षा सचिव ने विनोद कुमार सिंह, अपर सचिव, एमएच मंसूरी प्रतिनियोजित पदाधिकारी, अरुण कुमार सिंह, अवर सचिव स्थापना की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच का आदेश दिया था.
नोटिस बोर्ड पर सूचना देकर हुई बहाली
किसी भी सरकारी महकमे में बहाली के लिये सरकारी नियम कायदा तय है. नियमत: आर्य कन्या उच्च विद्यालय में इसके लिये पहले पद सृजन की अनुमति शिक्षा निदेशक से लेना अनिवार्य है. इसके बाद अखबार में विज्ञापन दिया जाना चाहिये. लेकिन आर्य कन्या उच्च विद्यालय में 56 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भरती में ये सारे नियम कायदे ताक पर रख दिये गये. महज विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर सूचना चिपका कर बहाली कर ली गयी. शिक्षा निदेशक से पद सृजन की स्वीकृति नहीं ली गयी और ना ही विद्यालय में बहाली का अनुमोदन लिया गया. नियुक्ति की संपुष्टि अभी तक विभाग से नहीं मिली है.
इन सरकारी प्रक्रिया पूरा किये बिना ही फर्जीवाड़ा के सहारे बहाल कर्मियों का समायोजन दिखा कर वेतन की निकासी भी कर ली गयी. इस तरह की फर्जी बहाली को लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है. बता दें कि आर्य कन्या उच्च विद्यालय के फर्जी कर्मचारियों को वेतन भुगतान मामले में डीपीओ स्थापना ने आर्य कन्या उच्च विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक पर प्राथमिकी दर्ज करवाया है.
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में बहाली में फर्जीवाड़ा प्रकरण में राज्य स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच पूरी
13 स्वीकृत पद के अलावा बहाल शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों की नौकरी पर लटकी बरखास्तगी की तलवार
2012 में पद सृजन के लिये शिक्षा निदेशक को तत्कालीन डीइओ ने भेजा पत्र लेकिन 2009 में ही हो गयी बहाली
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली प्रकरण में राज्य स्तर से तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. स्वीकृत पद के अतिरिक्त नियम कायदे को ताक पर रख कर बहाल 56 कर्मचारियों की बहाली कर ली गयी है. शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा विद्यालय में अपने परिजनों को भी फर्जी तरीके से विद्यालय में बहाल करवाने की सूचना मिल रही है. वहीं शिक्षा माफिया के सगे संबंधी की भी फर्जी तरीके से बहाली की शिकायत मिली है. इन फर्जी कर्मियों को वेतन भुगतान मामले में विद्यालय के एचएम पर प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है. जल्द ही आर्य कन्या उच्च विद्यालय प्रकरण में बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
जय सिंह, डीएम.
जब 2015 में आर्य कन्या उच्च विद्यालय को इंटर की पढ़ाई की मान्यता मिली है तो वर्ष 2008 में प्रबंध समिति के तत्कालीन सचिव के पत्र में +2 तक की पढ़ाई का जिक्र किया जाना फर्जीवाड़ा की ओर इशारा कर रहा है. तत्कालीन डीपीओ स्थापना के निरीक्षण प्रतिवेदन व डीइओ द्वारा पत्रांक 751 दिनांक 11. 05.15 जारी पत्र पूरी गड़बड़ी का जड़ है. वेतन भुगतान में हुई गड़बड़ी के लिये तत्कालीन डीइओ जिम्मेवार हैं. पूरे मामले में तत्कालीन डीइओ डॉ ब्रज किशोर सिंह व डीपीओ स्थापना मुनिलाल राम की संदेहास्पद भूमिका को देखते हुए विभाग को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी.
सुरेश प्रसाद साहु, डीइओ
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली सहित वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा प्रकरण की जांच पूरी कर ली गयी है. जांच के दौरान 56 कर्मचारियों की बहाली में फर्जीवाड़ा की बात सामने आयी है. स्वीकृत पद के अलावा बहाल सभी कर्मचारी सरकार की नजर में फर्जी माने जायेंगे. ऐसे शिक्षकों को वेतन भुगतान करना नियमत: गलत है. विभाग से आर्य कन्या उच्च विद्यालय में स्वीकृत पद का ब्योरा मांगा गया है. जो मिलते ही पूरी रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंप दी जायेगी.
विनोद कुमार सिंह, जांच अधिकारी सह अपर सचिव, शिक्षा विभाग.
