परबत्ता : अगलगी की घटना में जिंदा जले भाई-बहन का गंगा की उपधारा किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया. मृतक की बड़ी बहन खुशबू ने मुखाग्नि दिया तो वहां मौजूद हर आंखें नम हो गयी. दर्दनाक घटना के बाद दुधैला गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है.बता दें कि प्रखंड के सौढ उत्तरी पंचायत अन्तर्गत दुधैला गांव बुधवार को संजय मंडल के घर में आग लगाने से मासूम पांच वर्षीय पुत्र एवं सात वर्षीय पुत्री जिंदा जल गयी थी. वहीं मृतक की मां ओझला देवी का रोते-रोते बुरा हाल है.
वह बार-बार बेहोश हो जा रही है. इधर, तीन भाई बहनों में बड़ी बहन खुशबू को क्या पता था कि उसे यह दिन देखना पड़ेगा. मासूम भाई-बहन को मुखाग्नि देने के बाद रोते हुए सिर्फ इतना ही कहती है कि भगवान यह दिन किसी को ना दिखाये. संजय मंडल के परिवार की जिंदगी तबाह करने में आग व पानी का बहुत बड़ा हाथ है. पहले बाढ़ ने घर निगल लिया और अब आग ने मासूम भाई-बहन की जिंदगी लील ली. अपने पैतृक गांव इस्लामपुर नवगछिया में बाढ़ की विभीषिका ने घर एवं जमीन ले लिया. ससुराल में आग ने हंसते हुए दो बच्चों को निगल लिया. गरीबी की जिंदगी गुजर बसर करने वाले इस परिवार पर प्राकृति आपदा भी पीछा नहीं छोड़ रहा है.
