बलिया बेलौन. कदवा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में मनरेगा योजना की स्थिति खराब है. मुखिया संघ अध्यक्ष सह बेलौन मुखिया मेराज आलम ने बताया की मजदूरों के पलायन के कई कारण हैं. पंचायत स्तर पर 20 योजनाओं की बाध्यता के कारण नया योजना शुरू नहीं होने पर मजदूरों को समय पर काम नहीं मिलता है. विवश होकर मजदूर महानगरों की ओर पलायन कर रहे है. न्यूनतम मजदुरी बहुत कम होने के कारण पलायन रुकने के बजाय बढ़ रहा है. इस पर सरकार एवं विभाग को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. आन गोइंग 20 योजना की बाध्यता समाप्त करने पर मनरेगा मजदूरों को इस का लाभ मिलेगा. पलायन में कमी आयेगी. साथ ही मनरेगा योजना का काम पूर्ण होने के बाद भी मजदूरों को भुगतान नहीं होने की जानकारी मजदूरों ने दी है. जिस से मजदूर पलायन करने को विवश हो रहे है. बिहार जैसे राज्य में गरीबों के लिए मनरेगा योजन से राहत मिला था. लेकिन इसमें काम की कमी एवं समय पर भुगतान नहीं होने से लोग काम की तलाश में महानगरों की ओर जा रहे है.
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