– ऑनलाइन शॉपिंग में ऑनलाइन भुगतान होने की बात कर मांगते हैं ओटीपी – साइबर अपराध लाखों की ठगी को लेकर लोगों को शिकार बनाने की रहते हैं फिराक में कटिहार अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जायें. साइबर ठग इन दिनों ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले को अपना शिकार बना रहे हैं. दुर्गापूजा को लेकर व्यापक तौर पर लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं. ऐसे में साइबर ठग अलग तरीके से ठगी की घटना को अंजाम दे रहे हैं. सोमवार को एक मामला नगर थाना क्षेत्र के लाल कोठी की है. एक महिला को फोन कर सूचित किया कि आपका पार्सल आया है. महिला ऑनलाइन शॉपिंग तो करती थी लेकिन एक नामी कंपनी से आज तक खरीदारी नहीं की थी. एक बार तो वह महिला कंफ्यूज हो गयी. फिर वह घर से निकल कर डिलीवरी बॉय के पास पहुंच गयी. डिलीवरी बॉय ने उसे कहा कि मैडम आपका पार्सल आया हुआ है. वह कंफ्यूज होकर उसे लड़के से पूछा कि इसमें क्या है. लड़का भी उसे सही जवाब नहीं दे रहा था तो महिला को लगा पति ने ऑनलाइन शॉपिंग की होगी. पति को फोन कर पूछा तो पति ने कहा नहीं. इसके बाद डिलीवरी बॉय उसके नाम का जिक्र करते हुए कहा कि यह नाम और मोबाइल नंबर आपका है. महिला ने कहा नाम और मोबाइल नंबर मेरा ही है लेकिन मैंने शॉपिंग नहीं की है. इसके बाद डिलीवरी बॉय ने उसे कहा कि मैडम यह पार्सल ले लीजिए आपका है. वह महिला पार्सल लेने से इंकार करती रही लेकिन डिलीवरी बॉय प्रयास करते रहा कि महिला को पार्सल देकर निकल जाएं लेकिन जब महिला ने जांच की तो उसके बाद जब इसकी छानबीन शुरू हुई तो पार्सल बॉय वहां से गाड़ी लेकर फरार हो गया. आखिर किस प्रकार साइबर ठग लोगों को बनाते हैं शिकार ऑनलाइन शॉपिंग के बहाने साइबर ठग लोगों का फोन नंबर एड्रेस निकाल लेते हैं. उसके बाद एक डब्बे में कोई सा सामान पैक कर उसे लेकर ग्राहक के पास पहुंचते हैं. ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले को डिलीवरी बॉय फोन कर उसके पार्सल की सूचना देते हैं. घर तक पहुंचकर पार्सल बॉय मोबाइल पर ओटीपी जाने की बात करते हैं. जैसे ही आप ओटीपी बताते हैं, इन साइबर अपराधियों का खेल शुरू हो जाता है. कुछ ही देर में आपका खाता से अवैध तरीके से रुपए की निकासी शुरू कर देते हैं. जबतक आपको समझ में आए आपकी गाढ़ी कमाई आपके हाथ से निकल जाती है. इस प्रकार का फ्रॉड संभव है, लोग सावधानी बरतें.इस प्रकार का मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं आया है. इस घटना कीलिखित और मौखिक तौर पर किसी ने शिकायत नहीं की है. अगर शिकायत मिलती है तो निश्चित तौर पर उसके विरुद्ध साइबर थाना में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी. राम कृष्ण, पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष
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