बलिया बेलौन मरकजी रौयते हेलाल इस्लाही कमेटी सालमारी के मौलाना मेराज आलम ने लोकसभा में वक्फ बिल पास होने पर एतराज़ जताते हुए कहा, यह बिल मुसलमानों के साथ धोखा है. अल्लाह रब्बुल इज्जत के नाम पर वक्फ की गयी सम्पत्ति के साथ किसी को छेड़खानी करने का कोई हक नहीं है. वर्तमान सरकार ने इस बिल को पास कराकर मुसलमानों के द्वारा वक्फ की गयी सम्पत्ति को हड़पना चाहती है. वक्फ का मतलब खुदा के नाम पर दी जाने वाली वस्तु या सम्पत्ति है. इसे एशाले शवाब के लिए दान किया जाता है. मस्जिद, मदरसा, ईदगाह, कब्रिस्तान, इमामबाड़ा बनाया जा सके. लेकिन सरकार की नजर इस जमीन पर है. वह कानून बनाकर इसे हड़पना चाहती है. सांसद के संयुक्त समिति के पास यह मामला भेजा था. मुस्लिम संगठन के सभी सुझाव को वर्तमान केन्द्र सरकार ने खारिज कर दिया. अपनी मनमर्जी का कानून पास करा लिया. पहले वक्फ बोर्ड के सभी जिम्मेदार मुस्लिम समाज के होते थे. इसकी अनिवार्यता को खत्म कर महत्वपूर्ण पदों पर सरकार के लोग बैठेंगे. वक्फ कानून के खिलाफ केन्द्र सरकार और उसका समर्थन करने वाले राजनीतिक पार्टियों का चुनाव में मुसलमानों को खिलाफ करते रहना चाहिए. ताकि वैसे राजनीतिक पार्टियों को मुसलमानों के ताकत का एहसास हो सके.
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