कटिहार जिले के कोढ़ा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 10 में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने के कारण मंगलवार रात ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. लगातार अंधेरे, उमस भरी गर्मी और मच्छरों के प्रकोप से परेशान महादलित बस्ती के लोगों ने रात करीब 8:00 बजे सड़क पर उतरकर गेड़ाबाड़ी-कटिहार मुख्य मार्ग (NH-81) को पूरी तरह जाम कर दिया. जाम के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार दो दिनों से बिजली न होने के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है:
- बच्चों की पढ़ाई ठप: बिजली न रहने से बच्चों की पढ़ाई और दैनिक काम पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
- विभाग की अनदेखी: ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई.
- सड़क जाम का फैसला: जब मंगलवार रात तक भी बिजली बहाल नहीं हुई, तो विवश होकर ग्रामीणों ने एनएच-81 पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
पुलिस और वार्ड पार्षद ने कराया मामला शांत
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही कोढ़ा थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. वहीं, वार्ड पार्षद बिमल कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे:
- आश्वासन के बाद हटा जाम: पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया. करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों और पार्षद के आश्वासन पर लोगों ने जाम हटाया, जिसके बाद एनएच-81 पर यातायात सामान्य हो सका.
"जल्द समाधान नहीं हुआ तो फिर होगा आंदोलन" — वार्ड पार्षद व ग्रामीण
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वार्ड पार्षद बिमल कुमार ने कहा:
वार्ड पार्षद का बयान: "बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था के कारण पूरे वार्ड के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. विभाग को कई बार आगाह किया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. जल्द ही बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से बात कर विद्युत आपूर्ति बहाल कराई जाएगी."
वहीं, स्थानीय आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन और दोबारा सड़क जाम करने को बाध्य होंगे.
