एमडीएम बंद, बच्चे भूखे, नजराबाड़ी स्कूल में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

एमडीएम बंद, बच्चे भूखे, नजराबाड़ी स्कूल में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

– टीसी व नामांकन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रदर्शन बारसोई बारसोई प्रखंड के बिघोर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय नजराबाड़ी में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है. विद्यालय में लगातार तीन दिनों से मध्यान्ह भोजन बंद रहने से बच्चे भूखे पेट घर लौटने को मजबूर हैं. बुधवार को ग्रामीणों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा. विद्यालय परिसर में ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन करते हुए प्रधानाध्यापक पर लापरवाही, मनमानी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, प्रदर्शन का नेतृत्व मुखिया प्रतिनिधि मुजफ्फर हुसैन ने किया. ग्रामीणों ने कहा कि सरकार बच्चों को स्कूल से जोड़ने और कुपोषण दूर करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. लेकिन विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से सारी योजनाएं दम तोड़ रही हैं. तीन दिनों से स्कूल में चूल्हा तक नहीं जला और इसकी सूचना विभाग को देना भी जरूरी नहीं समझा गया. ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में नामांकन और स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के नाम पर गरीब अभिभावकों से 200 से 500 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है. विरोध करने पर लोगों को डांटकर भगा दिया जाता है. साथ ही विद्यालय विकास फंड और अन्य योजनाओं के खर्च का हिसाब भी नहीं दिया जाता, ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी विद्यालय के प्रधानाध्यापक की कार्यशैली को लेकर शिकायत की गई थी. लेकिन विभागीय कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई. यही वजह है कि विद्यालय की व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है. बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है. मुखिया प्रतिनिधि मुजफ्फर हुसैन ने कहा कि प्रधानाध्यापक की मनमानी के कारण सरकार की योजनाओं का लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा है. तीन दिनों तक एमडीएम बंद रहने के बावजूद विभाग को सूचना नहीं देना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. एमडीएम प्रभारी नियाज अहमद ने बताया कि बच्चों से पूछताछ में पता चला कि पिछले तीन दिनों से मध्यान्ह भोजन बंद है. प्रारंभिक जांच में रसोइया के बीमार होने की बात सामने आई है. लेकिन इसकी सूचना विभाग को नहीं दी गई. जांच रिपोर्ट तत्काल वरीय अधिकारियों को भेजी जा रही है. इधर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मुमताज अहमद ने कहा कि ग्रामीणों की सूचना पर मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. प्रधानाध्यापक द्वारा एमडीएम बंद होने की जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी. जांच रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में भी प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आने पर दस दिनों का वेतन काटा गया था. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे शिक्षा विभाग कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJKISHOR K

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >