– देशभर से जुटे सामाजिक प्रतिनिधि, मानव-एकता व समरसता पर हुआ मंथन कटिहार सामाजिक व नैतिक चेतना को नई दिशा देने वाले भव्य आयोजन नैतिक शक्तियों का महासंगम का शनिवार को शुभारंभ हुआ. प्राउटिस्ट सर्व समाज (पीएसएस) एवं अंगिका समाज की संयुक्त अगुवाई में आयोजित यह दो दिवसीय महासंगम 22 फरवरी तक चलेगा. कार्यक्रम का आयोजन मनिहारी मोड़ स्थित जगबंधु अधिकारी सामुदायिक भवन में किया है. महासंगम का उद्देश्य समाज में बिखरी नैतिक शक्तियों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता, मानव-एकता और संगठनात्मक एकजुटता को सशक्त करना है. कार्यक्रम के पहले दिन सवेरे आचार्य दिलीप सिंह सागर के रेल मार्ग से कटिहार आगमन पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, जयघोष और पुष्प-वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया. इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पहुंचे. जहां विधिवत उद्घाटन सत्र का आयोजन हुआ. उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्वलन के साथ महासंगम की औपचारिक शुरुआत की गयी. महासंगम में देश के विभिन्न राज्यों से आए सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. वक्ताओं ने नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, सामाजिक न्याय, मानव-एकता, शोषणमुक्त समाज और वैचारिक संगठन की आवश्यकता पर अपने विचार रखें. वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में समाज को दिशा देने के लिए नैतिकता आधारित आंदोलन की सबसे अधिक आवश्यकता है. अध्यक्षता महेंद्र प्रताप सिंह ने की. जबकि मुख्य सत्र की अध्यक्षता स्वयं आचार्य दिलीप सिंह सागर ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में एके भास्कर, सूरज प्रकाश सहारन, राजेश सिंह, ध्रुव नारायण प्रसाद उपस्थित रहे. आयोजन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए. जिससे परिसर पूरी तरह उत्साह और ऊर्जा से भरा नजर आया. संयोजक अजय कुमार देव, सुशील रंजन ने कहा कि यह महासंगम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नैतिक चेतना से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है. उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इसमें सहभागिता कर इस आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की.
कटिहार में दो दिवसीय नैतिक शक्तियों का महासंगम आरंभ
कटिहार में दो दिवसीय नैतिक शक्तियों का महासंगम आरंभ
