प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र के पथरवार पंचायत की बोरनी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 129 से आदिवासी बच्चों को किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. इससे नाराज बच्चों व अभिभावकों ने आक्रोश जताया. पोषक क्षेत्र के दर्जनों अभिभावकों ने आरोप लगाया कि समेकित बाल विकास परियोजना की लापरवाही से केंद्र की सेविका बसंती टुडू महीने में 15 दिन केंद्र बंद रखती हैं. जिस दिन महिला पर्यवेक्षिका आती हैं, सूचना पहले ही मिल जाती है. उस दिन बच्चों की संख्या बढ़ जाती है. बाकी दिन केंद्र में एक भी बच्चा नहीं रहता और न ही सेविका द्वारा बच्चों को बुलाने की पहल की जाती है. ग्रामीणों का आरोप है कि सेविका और परियोजना विभाग की मिलीभगत से बच्चों के नाम पर केंद्र सरकार और बिहार सरकार से मिलने वाले सभी लाभ हड़प लिए जाते हैं. बच्चों को पढ़ाया-लिखाया नहीं जाता. कुपोषित, अतिकुपोषित, गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलने वाले पोषाहार में से आधा से अधिक हिस्सा काट लिया जाता है. ग्रामीणों में आक्रोश है. समय से पहले केंद्र बंद रहने पर जब सेविका और सीडीपीओ, प्राणपुर से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो फोन की घंटी बजती रही, लेकिन किसी ने उठाना मुनासिब नहीं समझा. महिला पर्यवेक्षिका पूजा कुमारी ने कहा कि अगर आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाया गया तो जांच कर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. इस दौरान मौके पर दर्जनों ग्रामीण एवं बच्चे मौजूद थे.
आंगनबाड़ी केंद्र 129 में आदिवासी बच्चों को नहीं मिल रहा है लाभ, आक्रोश
आंगनबाड़ी केंद्र 129 में आदिवासी बच्चों को नहीं मिल रहा है लाभ, आक्रोश
