दिल्ली से शव घर पहुंचते परिजनों में मचा कोहराम

दिल्ली से शव घर पहुंचते परिजनों में मचा कोहराम

बलिया बेलौन आजमनगर प्रखंड के गझहोट निवासी साजुद्दीन पिता कासीम रोजगार की तलाश में दिल्ली में रहकर सिलाई का काम कर घर परिवार चलाता था. असमय मौत हो जाने पर परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा. गुरुवार को शव गांव पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. ग्रामीणों ने कहा, बहुत ही मेहनती था. घर परिवार चलाने के लिए प्रदेश गया था. परिजनों को क्या पता था कि उसका शव घर पहुंचेगा. मां का रो-रोकर बुरा हाल है. घर का एक मात्र सहारा वहीं था. घर का खर्च वहीं चलाता था. अब घर परिवार का खर्च कौन उठायेगा. गुरूवार को गांव के कब्रिस्तान में जनाजे के बाद सुपुर्द ए खाक किया गया. एआइएमआइएम नेता आफताब कंचन ने शोकाकुल परिवार से मिल कर इस दुख की घड़ी में हिम्मत बढ़ाते हुए प्रवासी मजदूर अधिनियम के तहत बिहार सरकार से पांच लाख की सहायता राशि देने की मांग की है. बिहार से लोगों का पलायन रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है. बिहार सरकार को गंभीरता से विचार करने की मांग की है.

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By Rajkishor k

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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