– मेडिकल कॉलेज के पीजी के छात्रों से ली जा रही थी सेवा रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के अभाव में परेशानी कटिहार सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों द्वारा संचालित जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम के तहत दी जा रही सेवा पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. यह बैच मेडिकल कॉलेज का अंतिम बैच था. जिसने पिछले तीन महीनों तक सदर अस्पताल में रहकर मरीजों को उपचार और परामर्श की सुविधा दी. अब अगला बैच आने तक यह सेवा स्थगित रहेगी. जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम के तहत मेडिकल कॉलेज के पोस्ट ग्रेजुएट छात्र विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्त होकर मरीजों को इलाज की सेवा प्रदान करते थे. इनके रुक जाने के बाद फिलहाल अस्पताल में पोस्टिंग पर कार्यरत नियमित डॉक्टर ही मरीजों का इलाज अब कर रहे हैं. इससे ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है. इधर अब सदर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के नहीं रहने से अल्ट्रासाउंड सेवा लगभग ठप हो गई है. जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम के तहत मेडिकल कॉलेज के छात्र रेडियोलॉजिस्ट की सेवा दे रहे थे. अब उनके नहीं रहने से यह सेवा ठप पड़ गयी है. सदर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट पद काफी समय से रिक्त है. जिससे गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार विभाग द्वारा रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया है. लेकिन अब तक कोई डॉक्टर सेवा देने के लिए तैयार नहीं हुआ है. अस्पताल प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ऑन रिक्वेस्ट आधार पर सीमित अल्ट्रासाउंड सेवा चलाई जा रही है. खासकर अंतिम माह की गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही है. रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है. पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों ने ओपीडी सेवा को संभाल रखा था. इससे अस्पताल में मरीजों को इलाज में सहूलियत हो रही थी. लेकिन कभी-कभी मरीजों ने इन छात्रों की कार्यशैली पर भी सवाल भी उठाए थे. अब एक बार फिर अस्पताल की नियमित चिकित्सक टीम पूरी आउटडोर सेवा संभल रहे है. सभी विभागों में तैनात चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है.
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