हजरत बाबा बाला शाह की मजार पर दो दिवसीय उर्स प्रारंभ
हजरत बाबा बाला शाह की मजार पर दो दिवसीय उर्स प्रारंभ
अकीदतमंदों की हजरत बाबा बाला शाह की मजार पर उमड़ी भीड़ डंडखोरा प्रखंड मुख्यालय स्थित हजरत बाबा बाला शाह की मजार पर शनिवार को दो दिवसीय सालाना उर्स का आगाज अकीदत और परंपरा के साथ हुआ. कड़ाके की ठंड के बावजूद बाबा के दर पर चादरपोशी के लिए अकीदतमंदों का भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह मजार परिसर में कुरान खानी के बाद अपराह्न 3.00 बजे चादरपोशी की रस्म अदा की गयी. इस दौरान बिहार के अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और मत्था टेककर मन्नतें मांगीं. मजार परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है. उर्स के पहले दिन मौलाना ने भाईचारे और इंसानियत का संदेश देते हुए समाज में मिलजुल कर रहने की अपील की. सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक इस उर्स मेले में हर समुदाय के लोग अपनी आस्था लेकर पहुंचते है. शनिवार संध्या को ””सीरते मुस्तफा कॉन्फ्रेंस”” का आयोजन हुआ. इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलेमाओं ने बाबा बाला शाह की तालीमात और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान किया. मुख्य वक्ताओं में झारखंड के प्रसिद्ध मौलाना सिद्दीक हसन (झारखंडी बाबा), सीमांचल के मौलाना मुजफ्फर हुसैन और बंगाल के शाहनवाज कादरी ने शिरकत की. इन्होंने इंसानियत और आपसी भाईचारे के महत्व को समझाया. इस बीच अकीदतमंदों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है. उर्स कमेटी की ओर से शुद्ध पेयजल, शौचालय और रोशनी की समुचित व्यवस्था की गयी है. ताकि दूर-दराज से आए लोगों को कोई असुविधा न हो. कमिटी की ओर से जानकारी दी गयी है कि उर्स के दूसरे दिन रविवार को कव्वाली का आयोजन किया जायेगा, जो मेले का मुख्य आकर्षण होगा. इसमें देश के मशहूर कव्वाल सोनम वारसी और परवेज वारसी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे. कमिटी के सदस्यों ने बताया कि बाबा बाला शाह की मजार की यह विशेषता है कि यहां जिसकी मन्नत पूरी होती है. वह दोबारा आकर फातिहा पढ़ता है. स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थल दशकों से हिंदू-मुस्लिम एकता का केंद्र बना हुआ है. उर्स और जलसे को सफल बनाने में कमिटी के अध्यक्ष मजीद खान, सेक्रेटरी हैदर अली, आफताब आलम, मिस्टर खान, कादिर खान, शेख साबीर, मौलाना सिकंदर रजा, हाफिज रफीक, हाफिज शमीम, मेराज आलम, सरफराज आलम, फैयाज हुसैन और मिठू, कयूम सहित पूरी टीम सक्रियता से जुटी हुई है.
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