गरीब- असहायों की मजबूरी, कचरा जलाकर ठंड से बचने को मजबूर
गरीब- असहायों की मजबूरी, कचरा जलाकर ठंड से बचने को मजबूर
कोढ़ा लगातार बढ़ रही कपकपाती ठंड व तेज पछुवा हवा ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. सुबह व शाम के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं खास तौर पर प्रभावित हैं. ठंडी हवा के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है. ठंड से बचाव के लिए ग्रामीण अलाव का सहारा ले रहे हैं. चौक-चौराहों, गलियों और घरों के सामने लकड़ी जलाकर लोग खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं. गरीब और असहाय परिवारों के सामने स्थिति और भी गंभीर है. कई जगहों पर लोग कचरा, प्लास्टिक और पुराने सामान जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं. जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है.
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