– दर्जनों मरीज बगैर इलाज कराये लौटे, ग्रामीणों व मरीजों में दिखा आक्रोश हसनगंज प्रखंड स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर रटनी फुलवरिया में शनिवार को लगभग 11:30 बजे तक ताला लटके रहने से मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा. साथ ही स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया. जो विभागीय लापरवाही को दर्शाता है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस उपस्वास्थ्य केंद्र से समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. शनिवार को इलाज के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचे बुनिया देवी, राधो देवी, फकीर चंद महतो, प्रेम कुमार महतो, बनवारी महतो सहित दर्जनों ग्रामीण व मरीजों ने बताया कि यह उपस्वास्थ्य केंद्र आए दिन बंद रहता है. जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने कहा, उपस्वास्थ्य केंद्र बंद रहने के कारण उन्हें इलाज के लिए कटिहार, हसनगंज अथवा सोरिया जाना पड़ता है. इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है. लोगों ने इसे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही करार दिया है. ग्रामीणों ने बताया कि लाखों की लागत से बना हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सह उपस्वास्थ्य केंद्र से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक नसीब नहीं हो पा रही है. यह केंद्र क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए खोला गया था. लेकिन इसका सही ढंग से संचालन नहीं किया जा रहा है. कई ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर्याप्त रुप से दवाई भी उपलब्ध नहीं है. पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से हमलोगों को निजी क्लिनिक का सहारा लेना पड़ता है. एक तरफ स्वास्थ्य सुविधा को लेकर विभाग व सरकार द्वारा बड़े तामझाम दिखाया जाता है. जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है. ग्रामीणों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र को नियमित रूप से संचालित किया जाय. ताकि क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके. इस मामले को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आयुष भारद्वाज से जब दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और ना ही कोई जवाब दिया.
एच एंड डब्ल्यूसी रटनी फुलवरिया में 11:30 बजे तक लटका रहा ताला
एच एंड डब्ल्यूसी रटनी फुलवरिया में 11:30 बजे तक लटका रहा ताला
