मूलनिवासी बहुजनों ने मनाया भीमा कोरेगांव विजय दिवस

मूलनिवासी बहुजनों ने मनाया भीमा कोरेगांव विजय दिवस

कटिहार पहली जनवरी को लालकोठी स्थित सद्भावना उत्सव हॉल में मूल निवासी भारतीय बहुजनों ने अपने साहस और वीरता के प्रतीक 208वां भीमा कोरेगांव विजय उत्सव उत्साह पूर्वक मनाया और मिठाइयां बांटी. इस अवसर पर राजद के जिला प्रवक्ता भोला पासवान ने कहा कि 01 जनवरी 1818 को पेशवाओं के शोषण और अत्याचार के खिलाफ देश के मूलनिवासी बहुजनों ने तलवार उठाई और केवल 500 शूरवीरों ने 28000 पेशवाओं को गाजर मूली की तरह काट डाला था. इतिहास गवाह है कि जब-जब स्वाभिमान की बात आई है हमारे पूर्वजों ने अपनी वीरता से असंभव को संभव कर दिखाया है. भीमा कोरेगांव की कहानी काल्पनिक नहीं है. वहां विजय स्तंभ पर हमारे पुरखों के नाम खुदे हुए हैं जो इस बात का प्रमाण है कि हम दलित शेर की संतान हैं. सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत प्रसाद ने कहा कि भीमा कोरेगांव का ””विजय स्तंभ हमारी अदम्य शक्ति और शौर्य का शिलालेख है. साल के पहले दिन हम सभी संकल्प लेते हैं कि अपने पूर्वजों की उस विरासत को झुकने नहीं देंगे.

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By Rajkishor k

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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