तकनीक किसानों के लिए ड्रोन लाभकारी: डॉ मृणाल वर्मा
तकनीक किसानों के लिए ड्रोन लाभकारी: डॉ मृणाल वर्मा
– ड्रोन तकनीक से किसान खेत में कीटनाशी रसायनों का कर सकते हैं छिड़काव कटिहार कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को ड्रोन तकनीक विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया. केवीके के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ मृणाल वर्मा ने बताया कि ड्रोन तकनीक द्वारा किसान अपने खेत में कीटनाशी रसायनों का छिड़काव कर सकते हैं. वह विभिन्न रोगों की रोकथाम के लिए रसायनों का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से कर सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ सुशील कुमार सिंह ने ड्रोन के माध्यम से विभिन्न फसलों में शस्य प्रबंधन विषय पर उपस्थित किसानों को जानकारी दी. कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने किसानों को ड्रोन की उपयोगिता से अवगत कराया. मक्के और मखाने की फसल में ड्रोन तकनीक काफी लाभदायक हो सकती है. मक्के की ऊंचाई अधिक होने के बाद किसान उस खेत में स्प्रे नहीं कर पाते थे. मखाना की फसल में पानी में स्प्रे करने में किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था. ड्रोन तकनीक के आने से किसानों के बीच इस समस्या का समाधान हो जायेगा. उन्होंने बताया कि अक्सर श्रमिक की समस्या होने के कारण भी किसान भाई स्प्रे नहीं कर पाते थे या लागत काफी ज्यादा लगती थी. समस्या से भी किसानों को छुटकारा मिलेगा. सहायक स्वर्ण प्रभा रेड्डी ने रबी फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर जानकारी दी. इफको कटिहार के उर्वरक सहायक धनंजय कुमार ने किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के संबंध में किसानों को जानकारी दी. इफको कटिहार के उर्वरक सहायक सोनू कुमार मिश्रा ने किसानों के बीच में ड्रोन चला कर ड्रोन का संजीव प्रदर्शन करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र कटिहार के फॉर्म में लगे गेहूं की फसल में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी और सागरिका का स्प्रे करके किसानों को दिखाया.
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